रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद बोला आरोपी अधिकारी, मैंने ली नहीं बल्कि मुझे जबर्दस्ती रिश्वत दी गई

विजिलेंस की टीम ने जन स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल अकाउंट ऑफिसर को ठेकेदार की पेमेंट रिलीज करने की एवज में 20000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एडिशनल अकाउंट ऑफिसर विजय कुमार एक ठेकेदार से 20000 की रिश्वत ले रहा था। जिसे विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यही नहीं, आरोपी ने बताया कि वह रिश्वत ले नहीं रहा था, बल्कि उसे बिल पास करने की एवज में जबरदस्ती दिया गया है।

रोहतक जन स्वास्थ्य विभाग में एडिशनल अकाउंटेंट को रिश्वत लेते हुए जब विजिलेंस ने रंगे हाथों पकड़ा तो आरोपी का काफी चौंकाने वाला बयान सामने आया। आरोपी ने कहा कि वह रिश्वत ले नहीं रहा था, बल्कि बिल पास कराने की एवज में अकाउंटेंट ने जबरदस्ती उसे रिश्वत दी है। यानी यह उस कहावत को चरितार्थ करती है की “चोरी ऊपर से सीना जोरी”। विजय कुमार एक ठेकेदार से बिल पास कराने की एवज में रिश्वत मांग रहा था जिसकी शिकायत ठेकेदार ने विजिलेंस टीम को दी और विजिलेंस की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

वहीं दूसरी ओर आरोपी एडिशनल अकाउंटेंट विजय कुमार ने बताया कि उसने रिश्वत नहीं ली है बल्कि उसे जबरदस्ती रिश्वत दी गई है। विजय कुमार ने बताया कि जानबूझकर अकाउंटेंट ने मुझे रिश्वत दी है ताकि उसका बिल पास हो सके। वही विजिलेंस विभाग के इंस्पेक्टर रामनिवास ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि स्वास्थ्य जन स्वास्थ्य विभाग में एक अधिकारी 20000 की रिश्वत मांग रहा है। जिसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया है और उस पर कार्रवाई की जाएगी।

 

NEWS SOURCE : punjabkesari

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