थेलासीमिया ग्रस्त बच्चो को दवाइयों की कमी का सामना करना पड़ता है उस कमी को पूरा करने के लिए फाउंडेशन अगेंस्ट थेलासीमिया हमेशा तत्पर रहती

FARIDABAD ; थेलासीमिया ग्रस्त बच्चो को हमेशा ही दवाइयों की कमी का सामना करना पड़ता है उस कमी को पूरा करने के लिए फाउंडेशन अगेंस्ट थेलासीमिया हमेशा तत्पर रहती है। सरकार की तरफ से दवा साल में कही एक दो महीने ही मिल पाती है। हमेशा यही कहा जाता है बजट नहीं है। संस्था के काफी पर्यासो से थैलासीमिया व् हीमोफीलिया की दवाइयों को सरकार द्वारा परमावश्यक दवाइयों की सूचि में डलवाया गया है लेकिन फिर भी दवा की उपलब्धता नहीं है। अगर बच्चो को सही प्रकार से दवाइया न दी जाये तो बच्चो का जीवन एक सिमित अवस्था तक ही रह जाता है। आज थेलासीमिया ग्रस्त बच्चे वयस्क हो गए अपने पैरो पर खड़े हो गए है जिसके लिए देश विदेश में संस्थाएँ दिन रात अथक मेहनत कर रही है। बच्चो का वर्ष में एक बार एम् आर आई करवाना होता है जो गरीब बच्चे है वो ऐसा सोच भी नहीं सकते।
संस्था के प्रयास से तिस बच्चो का निशुल्क एम् आर आई महाजन इमेजिग सेंटर दिल्ली द्वारा निशुल्क किये गए। साथ ही संस्था के पास अपनी कोई जगह न होने के कारन निशुल्क दवा वितरण, हेल्थ चेकअप या कोई बच्चो की ख़ुशी के लिए काम करना हो तो दूसरी सस्न्थाओ पर निर्भर रहना पड़ता चाहे वो सामुदायिक केंद्र सेक्टर १५ फरीदाबाद, भगवान महावीर हॉस्पिटल, सेंट्रल पार्क सेक्टर १२ , होटल डिलाइट हो या सर्वोदया हॉस्पिटल सेक्टर आठ फरीदाबाद हो। सरकार को बार बार लिखा जा चूका है
की संस्था को एक 300 गज का प्लाट दे दिया जाये ताकि संस्था अपनी गतिविधियों को ओर सुचारु रूप से कर सके परन्तु कोई सुनवाई नहीं हो पाती। संस्था थेलासीमिया ग्रस्त बच्चो को सामुदायिक केंद्र सेक्टर 15 फरीदाबाद में एक विशाल निशुल्क दवा वितरण का कैंप लगाया गया जिसमे 85 बच्चो को निशुल्क दवाइयों के साथ साथ सुविधा पूर्वक रक्त चढ़ाने के लिए फिल्टर्स दिए गए जिसके लिए समाज सेवक बी. आर. भाटिया, एस एस बी हॉस्पिटल की डॉ सीमा बंसल, समाजसेविका शारदा मित्तल, तृप्त जीवन ट्रस्ट, रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर 15 व् समाज सेवक नीरज चावला का विशेष सहयोग रहा। साथ ही डॉ सिमा ने आश्वाशन दिया की वो समय समय पर बच्चो की सहायता करती रहेगी।

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