ना मरने के बाद नसीब हो रही दो गज जमीन, 200 गोवंश लापता, गोवंश की बेकद्री, ना जीते जी मिल रहा चारा

सोनीपत : जिले के गांव कमासपुर में नगर निगम द्वारा आवारा गोवंशों के लिए नंदी शाला बनवाई गई है, लेकिन इस नंदीशाला में जब नगर निगम मेयर और अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचे तो जो खुलासा हुआ वह सभी को हैरान करने वाला था। नंदीशाला में जो गोवंश के लिए हरा चारा मंगाया गया उसमें हेरा-फेरी मिली है। उसी के साथ ही नंदीशाला से 200 करीब गोवंश भी गायब मिले हैं। वहीं अधिकारियों ने लापरवाह अधिकारी, कर्मचारी समेत ठेकेदार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

सोनीपत नगर निगम द्वारा बनाई गई नंदीशाला में आवारा को वंश की किस तरह सेवा हो रही है ये अपने ऐप में कई सवाल खड़े करता है। दरअसल, नगर निगम द्वारा सोनीपत के गांव कमासपुर आवारा गोवंश के लिए नंदी शाला बनवाई गई है। जिसके लिए हर साल करोड़ों रुपए का टेंडर भी ठेकेदार को दिया जाता है, ताकि गोवंश के लिए हरे चारे से लेकर उनके रखने तक की व्यवस्था ठीक रह सके। लेकिन शायद अधिकारियों की मिलीभगत के चलते यह करोड़ों रुपया ठेकेदार हजम कर जाता है और गोवंश को सिर्फ बेकद्री ही नसीब होती है। यह खुलासा तब हुआ जब शिकायत के बाद जब यहां पर नगर निगम मेयर निखिल मदन और नगर निगम से डीएमसी निरीक्षण करने के लिए पहुंचे।

नगर निगम मेयर ने कहा कि नंदी शाला में गोवंश की बहुत बुरे हालात हैं। यहां मरने के बाद इन्हें दफन नहीं किया जा रहा और जीते जी चारा नहीं दिया जा रहा है। जब नंदीशाला में गोवंश की गणना की गई तो उसमें भी 200 के करीब गोवंश गायब मिले हैं। नगर निगम मेयर ने ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं मौके पर पहुंचे नगर निगम डीएमसी का कहना है कि वह आज नंदीशाला के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। जहां पर अव्यस्थाएं मिली हैं। जहां चारे में गड़बड़ी मिली है। वहीं गोवंश की गणना में भी गड़बड़ी है। पूरे मामले को लेकर उच्च अधिकारियों से बात की जाएगी और लापरवाह ठेकेदार हो, कर्मचारी हो या फिर अधिकारी हो, सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।
NEWS SOURCE : punjabkesari




