ज्वाइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल का शिष्टमंडल ने पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा

FARIDABAD : असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर रोक लगाने और धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग को लेकर ज्वाइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल का शिष्टमंडल आज पुलिस कमिश्नर फरीदाबाद, से मिला। और मांगों का ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल में एटक के आर एन सिंह, इंटक के हुकमचंद वैनीवाल, सीटू के शिव प्रसाद,और कन्वीनर वीरेंद्र सिंह डंगवाल, और जगराम गौतम शामिल थे।
संयुक्त ट्रेड यूनियन काउंसिल के शिष्टमंडल ने पुलिस कमिश्नर को बताया कि 30 जून को कुछ शरारती तत्वों ने सोहना के बाईखेडा जंगल से खोरी जमालपुर निवासी हाजी जमात अली और उसके बेटे इरफान की 55 गायों 18 बकरियों तथा 6 गधों को जबरन खोल कर ले आये। पशुधन को लाने से पहले बिट्टू बजरंगी और इनके अन्य साथियों ने हाजी जमात अली, और उसके बेटे इरफान तथा दो अन्य के खिलाफ निमोट चौकी जो पुलिस थाना सोहना के अंतर्गत पड़ती है। में पशु क्रूरता का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके बाद यह लोग 1 जूलाई को पशुधन को
लेकर फरीदाबाद की तरफ लेकर आए। इन्होंने इलाके में यह प्रचार किया था। कि यदि इन गायों को हम नहीं लाते तो इनको काट दिया जाता। जबकि हाजी जमात अली जिसकी गाय है। वह गौ पालक है। वह गाय के साथ साथ बकरीयां भी पालता है। ये लोग उसके पशुधन को खोरी जमालपुर, सिरोही, आलमपुर, धौज से होते हुए खेड़ी गुजरान के गौशाला में ले गए।बाई खेड़ा से खेड़ी गुजरान की दूरी लगभग 20 किलोमीटर है। इस बीच में चार मुस्लिम बाहुल्य गांव पड़ते हैं। जब यह लोग पैदल आ रहे थे। तो इनके हाथों में तलवारें और अन्य हथियार भी थे। जिनको ये लोग हवा में लहरा रहे थे। यह कार्य योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा था। ये सभी नारे लगाते हुए आ रहे थे। ऐसा करके यह लोग मुस्लिम समुदाय की भावनाओं को भड़काना चाहते थे। ताकि आसानी से दंगें,फसाद, झगड़ा हो सके।और धार्मिक उन्माद फैलाकर अमन और शांति को भंग किया जा सके । लेकिन चारों गांवों के लोगों ने धैर्य और सयंम बनाये रखा। उन्होंने इनके भड़काऊ नारों की अनदेखी की।
जिसकी वजह से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। और जान माल का नुकसान भी नहीं हुआ। इतने लंबे रास्ते में यदि इन्हें कोई रोकता तो निश्चित तौर पर बहुत बड़ी घटना हो सकती थी। जब ये लोग पैदल चलकर आ रहे थे।तब पुलिस भी इनके साथ चल रही थी। जैसा कि गायें बाई खेड़ा जंगल में थी।जो सोहना जिला गुड़गांव में है। इनको पशुओं को सोहना, गुड़गांव की ओर ले जाना चाहिए था। क्योंकि इनके धनी के खिलाफ पहले ही झूठा मुकदमा सोहना थाने के अंतर्गत दर्ज किया गया। क्योंकि 30 जून की रात को जमत अली और उसका बेटा इरफान जहां उसकी गाय बंधी हुई थी। वहां पर नहीं था। क्योंकि 2 जुलाई को उसकी बेटी की शादी थी। वह अपनी बेटी की शादी के लिए सामान खरीदने बल्लभगढ़ के बाजार में गया हुआ था। इसके पशुधन के साथ परिवार के दो छोटे बच्चे थे। इन बच्चों को तथाकथित गौ रक्षकों ने वहां से भगा दिया।
इसके बाद जमात अली और उसका परिवार बजरंग दल के डर से वहां पर नहीं आए। जिसकी वजह से यह लोग गाय और बकरीयों को जबरन खोल कर ले गए। इन पशुओं को फरीदाबाद में अशांति पैदा करने के इरादे से लाया गया। इसीलिए जॉइंट ट्रेड यूनियन काउंसिल विट्टू बजरंगी, और उसके साथियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग करती हैं। ताकि फरीदाबाद, में कोई व्यक्ति बरसों पुरानी भाईचारे और सामाजिक ताने-बाने को खराब नहीं कर सके। इस तरह की गतिविधियों से अशांति पैदा होने की प्रबल संभावनाएं होती हैं। जो एक धर्म विशेष को निशाना बनाकर धार्मिक उन्माद फैलाने चाहते हैं। शिष्टमंडल ने प्रशासन से जमात अली की गायों को वापस लौटने की मांग की। इसके अलावा यह भी प्रशासन के नोटिस में लाया गया।
कि आजाद नगर की बल्लभगढ़, झुगी में रहने वाली एक नाबालिक लड़की का 11 अगस्त 2022 को अपहरण करके उसके साथ बलात्कार कर उसकी हत्या करके शव को मुझेसर रेलवे लाइन के पास फैंक दिया गया। इस घटना को हुए भी एक साल का समय बीतने को जा रहा है। लेकिन इसके अपहरणकर्ताओं और कातिलों को आज तक गिरफ्तार नहीं किए गया है। इतना ही नहीं इस मृतक लड़की के मां बाप को किसी भी प्रकार की सहायता नहीं दी गई है। इसके साथ साथ शिष्ट मंडल ने आजादनगर में आम लोगों के लिए सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करने की मांग को फिर भी उठाया।इस मुद्दे पर एक साल पहले फैसला हो गया था। लेकिन अभी तक वहां पर सार्वजनिक शौचालय नहीं बना । जिसकी वजह से लोगों को शौच के लिए रेलवे लाइन पर ही जाना पड़ता है।

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