जिला फरीदाबाद में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के अंतर्गत दर्ज हुई पहली प्रथम सूचना रिपोर्ट(FIR)

फरीदाबाद: पूरे भारतवर्ष की तरह जिला फरीदाबाद में भी पुलिस आयुक्त राकेश कुमार आर्य के मार्गदर्शन में तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 लागू हो चुके है। 1 जुलाई से घटित हुए अपराधो के संबंध में अब भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किए जाएगे।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आज दिनांक 01 जुलाई को फरीदाबाद पुलिस द्वारा थाना खेडी पुल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 80, 85 व 3(5) के अंतर्गत पहली प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) संख्या 289 पंजीकृत की गई है। प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) के अनुसार शिकायतकर्ता चंद्रभान वासी सेक्टर-2 पलवल द्वारा आरोप लगाए गए है कि अप्रैल 2021 में उसने अपनी बेटी जया शर्मा की शादी सेक्टर-85 निवासी अंकुर शर्मा के साथ की थी परंतु शादी के बाद से ही उसका दामाद व ससुराल पक्ष उसकी लडकी को कम दहेज लाने के लिए ताने मारने लगे और दहेज देने के लिए प्रताडित करने लगे तथा उसकी लडकी को मायके में आने जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया था और परिवार से भी बात नहीं करने देते थे।

करीब 4 माह पहले उसकी बेटी जया को पुत्री हुई थी, मेरी बेटी का ससुराल पक्ष छूछक में दिए गए सामन से खुश नहीं थे और लडकी से 5 लाख रुपए लाने की मांग करते रहे। दिनांक 01 जुलाई को सुबह समय 3.10 बजे लडकी के ससुर अनिल शर्मा ने सूचना दी कि जया की तबियत खराब होने पर अमृता अस्पताल में भर्ती करा दिया है। इसके 10 मिनट उपरांत दोबारा से सूचना प्राप्त हुई कि जया शर्मा की मृत्यु हो गई है। जिसपर उपरोक्त अभियोग पंजीकृत किया गया है। यदि यह अभियोग IPC के अंतर्गत पंजीकृत होता तो धारा 304B,498A,34 का अपराध बनता। अब फरीदाबाद पुलिस द्वारा 1 जुलाई से घटित अपराधों के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किए जाएगे और इन अभियोगो को सफल बनाने के लिए नए कानून भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 का प्रयोग किया जाएगा।

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