सप्त दिवसीय हवन से प्रथम वर्ष नवागंतुक छात्रों के शिक्षण सत्र का सुचारु क्रियान्वयन

Faridabad : डीएवी शताब्दी महाविद्यालय ने अपने प्रथम वर्ष नवागंतुक छात्रों के शिक्षण सत्र का सुचारु क्रियान्वयन उद्देश्य से सप्त दिवसीय हवन श्रृंखला का आयोजन किया। ओरिएंटेशन एवं हवन समारोह “उद्घोष 2025: आरंभ का संकल्प” कार्यक्रम के तहत प्रत्येक दिवस पर एक विभाग के शिक्षकों के साथ छात्रों ने यज्ञशाला की यज्ञवेदी में आहुति डालकर हवन किया। महाविद्यालय कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार ने सभी को संबोधित करते हुए नैतिक मूल्यों और संस्कारों के निर्माण में वैदिक यज्ञ परंपरा व आर्य समाज के द्वारा स्थापित सिद्धांतों का शिक्षा व सामाजिक उत्थान में महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों से अच्छे संस्कारों को ग्रहण करने के साथ अच्छी शिक्षा उपरांत पारिवारिक आर्थिक सहयोग की आवश्यकता को भी समझाया।

यज्ञब्रह्म डॉ. अमित शर्मा ने महाविद्यालय द्वारा संचालित हवन कार्यक्रम व जीवन में मंत्र तथा यज्ञ के महत्व को विस्तार से समझाया। गायत्री मंत्र एवं अन्य वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ, छात्रों की सफलता एवं समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। प्रथम दिवस पर बीकॉम (एसएफएस), द्वितीय दिवस पर बीबीए, तृतीय दिवस पर बीसीए, चतुर्थ दिवस पर बीए, पंचम दिवस पर बीएजेएमसी, बीटीटीएम व बी.वॉक रिटेल मैनेजमेंट, षष्टम दिवस पर बीकॉम (ऐडेड) तथा अंतिम व सप्तम दिवस पर बीएससी विभाग ने हवन किया। विभागाध्यक्षों द्वारा छात्रों को डीएवी वैदिक परंपरा, महाविद्यालय नियमावली, अनुशासनात्मक व्यवहार,एनईपी विषय ज्ञान, इंटर्नशिप, शैक्षणिक, गैर-शैक्षणिक गतिविधियों, समस्या निस्तारण उपायों आदि के बारे विस्तृत जानकारी दी गई। छात्र भी अपने विषयों से संबंधित शिक्षकों से परिचित हुए।

हवन का सम्पूर्ण कार्यक्रम एडमिशन नोडल ऑफिसर व हवन समिति संयोजिका डॉ. अर्चना सिंघल व समिति सदस्य डॉ. योगेश शर्मा, डॉ. ममता शर्मा की देख-रेख में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में आरती कुमारी, ओमिता जोहर, डॉ. मीनाक्षी हुडा, डॉ. प्रियंका अंगिरस, रचना कसाना, अमित दहिया, रजनी टुटेजा, गार्गी शर्मा, डॉ. राजकुमारी व पीआरओ वीरेंद्र सिंह के साथ अन्य शिक्षकों ने अपनी सहभागिता दर्ज की और छात्रों को शुभकामनाएं दीं।

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