साइबर ठगी पर ब्रेक लगाएगा डिवाइस, IIT मंडी के शोधकर्त्ताओं ने बनाया एडैपआईडी

मंडी : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी ने एडैपआईडी से एक ऐसा डिवाइस विकसित किया है जिसकी मदद से साइबर ठगी पर ब्रेक लगेगी। आईआईटी मंडी के सैंटर फॉर आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस एंड रोबोटिक्स (सीएआईआर) के डाॅ. अमित शुक्ला और डीप एल्गोरिदम के जेपी मिश्रा ने इस टूल को विकसित किया है, जो एक क्रांतिकारी व्यवहार बायोमीट्रिक आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली है। एडैपआईडी पासवर्ड और ओटीपी की आवश्यकता को समाप्त कर देगा तथा उभरते खतरों के खिलाफ सुरक्षा को मजबूत करते हुए उपयोगकर्त्ता पहुंच प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करेगा।
शोधकर्ता आईआईटी मंडी डाॅ. अमित शुक्ला ने बताया कि बायोमीट्रिक-आधारित सिस्टम सुरक्षित प्रमाणीकरण को फिर से परिभाषित करेगा, पासवर्ड पर निर्भरता को प्रभावी ढंग से समाप्त करेगा और निर्बाध निरंतर प्रमाणीकरण शुरू करेगा। एडैपआईडी के साथ हमारा लक्ष्य न केवल सुरक्षा प्रोटोकाल में क्रांति लाना है बल्कि संगठनों को डिजिटल युग की जटिलताओं को अटूट आत्मविश्वास के साथ नैविगेट करने के लिए सशक्त बनाना है। एडैपआईडी वित्तीय सेवाओं, सरकार, प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे जैसे उद्योगों में फैले धोखाधड़ी, अनधिकृत पहुंच और फिशिंग हमलों सहित साइबर खतरों की एक श्रृंखला को संबोधित करता है।
एडैपआईडी की ये हैं मुख्य विशेषताएं
एडैपआईडी की विशेषताओं में व्यवहारिक बायोमीट्रिक्स में सुरक्षित प्रमाणीकरण के लिए अद्वितीय उपयोगकर्त्ता व्यवहार पैटर्न कैप्चर करना, सतत प्रमाणीकरण में पूरे उपयोगकर्त्ता सत्रों में निर्बाध प्रमाणीकरण प्रदान करना, पासवर्ड-रहित प्रमाणीकरण में पारंपरिक पासवर्ड को खत्म करना तथा एक सुरक्षित और सहज उपयोगकर्त्ता अनुभव प्रदान करना शामिल हैं।
NEWS SOURCE : punjabkesari




