जानिए क्यों दिया जाता है ये सर्वोच्च सम्मान, मिलती हैं कौन सी सुविधाएं, लाल कृष्ण अडवानी को मिलेगा भारत रत्न

पीएम नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि लाल कृष्ण अडवानी को भारत रत्न अवार्ड से सम्मानित किए जाने का ऐलान किया है। पीएम ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “मैं यह साझा कर के काफी खुश हूं कि श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा। मैंने उनसे बात की और उन्हें इस सम्मान को दिए जाने पर बधाई दी। वह हमारे समय के सबसे बड़े और सम्मानित जननेता रहे हैं। भारत के विकास में उनका योगदान स्मरणीय है। उनका जीवन जमीनी स्तर पर काम करने से शुरू होकर देश के उप-प्रधानमंत्री के तौर पर काम करते हुए चला। उन्होंने गृह मंत्री और सूचना-प्रसारण मंत्री के तौर पर काम करते हुए भी खुद को दूसरों से अलग किया। उनके संसदीय हस्तक्षेप हमेशा अनुकरणीय रहे हैं और समृद्ध अंतर्दृष्टि से भरे रहे हैं।”
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इस सर्वोच्च सम्मान से पहले उन्हें 2015 में भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी स्म्मानित किया गया था। आइए डिटेल में जानते हैं कि क्या है ये भारत रत्न सम्मान के बारे में-

आखिर क्यों दिया जाता है भारत रत्न सम्मान-
भारत रत्न एक सर्वोच्च सम्मान है, जो उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने कला, साहित्य, साइंस, समाज सेवा और खेल क्षेत्र में देश को अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
कब हुई थी शुरुआत-
इस सम्मान की शुरूआत 2 जनवरी 1954 में हुई थी और इसे उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने शुरू किया था।

इतने लोग मिला है ये पुरस्कार-
देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न अबतक 49 लोगों को दिया जा चुका है। अब लाल कृष्ण अडवानी इसे प्राप्त करने वाले 50 वें आदमी बनेंगे। ये सम्मान जीवित रहने पर या मरणोपरांत दोनों तरह से लोगों को दिया जाता है। एक साल में यह केवल 3 लोगों को ही दिया जाता है।
भारत रत्न के लिए चुने जाने की प्रक्रिया-
भारत रत्न सम्मान के चुनाव के लिए अलग- अलग प्रक्रियाएं होती हैं। इसमें भारतीय पीएम राष्ट्रपति से भारत रत्न के लिए किसी व्यक्ति के नाम की सिफारिश करते हैं। यह पुरस्कार धर्म, जाति, जेंडर की परवाह किए बिना उपकरोक्त लिखे हुए क्षेत्रों में किए योगदान के लिए दिया जाता है।
क्या- क्या सुविधाएं मिलती हैं-
- मुफ्त रेल यात्रा
- अहम सरकारी कार्यक्रमों में शामिल होने का मौका
- सरकार वॉरंट ऑफ प्रेसिडेंस में जगह
- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, पीएम, राज्यपाल, पूर्व राष्ट्रपति, उपप्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस, लोकसभा अध्यक्ष, कैबिनेट मंत्री, पूर्व पीएम और सासंद के दोनों सदनों में विपक्ष के बाद नेता का स्थान मिलता है।
NEWS SOURCE : punjabkesari




