प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने दिया त्यागपत्र, हरियाणा में हार का असर कांग्रेस में शुरू हुआ इस्तीफों का दौर

Deepak Babaria Resigned: हरियाणा विधानसभा चुनाव (haryana assembly elections) में लगातार तीसरी बार करारी शिकस्त के बाद कांग्रेस (Congress) में इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। चुनाव में कांग्रेस को मिली हार के बाद दीपक बाबरिया ने प्रदेश प्रभारी पद से इस्तीफा दिया है। बाबरिया ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) से बातचीत की है। बताया जा रहा है कि दीपक बाबरिया ने राहुल गांधी से कहा है कि अब किसी और को हरियाणा का प्रभारी बना दें, उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।

बता दें कि हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस नेताओं में घमासान देखने को मिल रहा है। कई उम्मीदवारों ने गुटबाजी को जिम्मेदार ठहराया है। फिलहाल, विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस में मंथन का दौर चल रहा है। पार्टी हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से हार को लेकर जवाब मांगा है। इसी बीच दीपक बाबरिया ने प्रदेश प्रभारी पद से इस्तीफा दे दिया है। वहीं विधानसभा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा की जगह गैर जाट विधायक को विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा में हार के बाद कांग्रेस प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफे की पेशकश की है। उन्होंने उनसे अनुरोध किया कि उन्हें हरियाणा कांग्रेस प्रभारी के पद से मुक्त कर दिया जाए। इससे पहले हार की समीक्षा बैठक में भूपेंद्र सिंह हुड्डा, उदयभान और दीपक बाबरिया शामिल नहीं हुए थे। तीनों नेताओं को गुरुवार को दिल्ली बुलाया गया था, लेकिन कोई नहीं पहुंचा. बाबरिया खराब स्वास्थ्य के चलते वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में शामिल हुए। भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उदयभान पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के चलते हाईकमान के बुलावे पर नहीं पहुंचे। नेताओं की गैरमौजूदगी से चर्चाएं तेज होने लगी थीं। हरियाणा में हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व के साथ प्रदेश नेताओं की पहली अहम बैठक बुलाई गई थी। ये बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर बुलाई गई थी. इसमें नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए थे।

टिकट बंटवारे के समय भी बीमार थे दीपक बाबरिया
गौरतलब है कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए जब टिकट बांटे जा रहे थे, उस दौरान भी दीपक बाबरिया बीमार चल रहे थे। ब्लड प्रेशर बढ़ने के बाद उन्हें दिल्ली के AIIMS में एडमिट होना पड़ा था।

दीपक बाबरिया पर लगते रहे हैं आरोप
भूपेंद्र सिंह हुड्डा के विरोधी खेमे के नेता अक्सर दीपक बाबरिया पर आरोप लगाते रहे हैं कि वह प्रभारी की जिम्मेदारी ठीक से न निभाते हुए केवल पक्षपात करते हैं। कई नेताओं ने आरोप लगाया था कि दीपक बाबरिया कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला के नेताओं की बात नहीं सुनते, केवल भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके नेताओं पर ध्यान दिया जाता है।

NEWS SOURCE Credit : lalluram

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