पुलिस चौकी सेक्टर 14 की टीम ने डीएवी स्कूल सेक्टर 14 में आरडब्ल्यूए सदस्यों और आमजन को चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखने, महिला सुरक्षा, साइबर अपराध व सड़क सुरक्षा के बारे में किया जागरूक

Faridabad/Rakesh Kumar : डीसीपी सेंट्रल जसलीन कोर के दिशा निर्देशों के तहत करते हुए पुलिस चौकी सेक्टर 14 प्रभारी उमेश कुमार के द्वारा सेक्टर-14 एरिया में स्थित डीएवी स्कूल में आरडब्ल्यूए के सदस्यों सहित 200 से अधिक व्यक्तियों को शांतिपूर्ण मतदान करने के साथ-साथ साइबर फ्रॉड, महिल विरुद्ध अपराध व यातायात नियमों की जानकारी देते हुए पालन करने के लिए जागरूक किया है।

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने डीएवी स्कूल प्राध्यापिका अनिता गौतम व स्कूल अध्यापकों की उपस्थिति में स्कूल के सभागार में रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों और एरिया के गणमान्य व्यक्तियों के साथ बैठक आयोजित कर विभिन्न सामाजिक मुद्दों के बारे में जानकारी प्रदान की।

चुनाव के दौरान शांतिपूर्ण तरीके मतदान करने के बारे में जागरूकता:

पुलिस टीम ने आगामी लोकसभा चुनाव के दौरान आमजन को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान करने तथा चुनाव के दौरान भाईचारे की भावना को कायम रखने के लिए जागरुक करते हुए बताया कि चुनाव के दौरान कुछ असामाजिक तत्व माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करते हैं और अपने फायदे के लिए भड़काऊ बयानबाजी करके लोगों को आपस में लड़वाने का काम करते हैं जिससे कि चुनाव में शांति व्यवस्था भंग होती है और लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके लिए उन्होंने आमजन को चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने तथा अपने साथियों को भी किसी की भड़काऊ बातों में न आकर शांति व्यवस्था कायम रखने में पुलिस का सहयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति चुनाव के दौरान सामाजिक शांति भंग करने की कोशिश करता है तो इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें। पुलिस द्वारा उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की करके शांति व्यवस्था सुदृढ़ की जाएगी।

साइबर फ्रॉड और साइबर फ्रॉड के बचाव:

साइबर अपराध कैसे होता है?- आजकल साइबर अपराधी शेयर मार्केट में निवेश करवाने के नाम पर आमजन के साथ ठगी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। साइबर फ्रॉड मुख्यत लालच के कारण होता है साइबर ठग, पीडित को तुरंत कम रेट पर लोन देने का वादा करते है, शेयर मार्केट में मुनाफे के नाम पर, विदेश भेजने के नाम पर, लैप्स बीमा पॉलिसी का फुल रिटर्न दिलाने के नाम पर, टास्क पूरा करने के नाम पर, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढवाने के नाम पर, लॉटरी लगवाने के नाम पर, घर बैठे कमाने के नाम पर, फ्री में गिफ्ट दिलाने के नाम पर, वाउचर जीतने के नाम पर, KYC के नाम पर, बैंककर्मी या किसी कंपनी के अधिकारी बनकर, बड़ी कंपनी या एयरपोर्ट पर नौकरी लगवाने के नाम पर, अश्र्लील वीडियो कॉल रिकॉर्ड से ब्लैकमेल कर इत्यादी के नाम पर लोगो के साथ साइबर फ्रॉड किया जाता है।

साइबर फ्रॉड से बचाव- अगर आपके पास किसी अनजान नम्बर से किसी ऑफर व किसी प्राकर का लाभ देने के संबंध में कॉल आए तो सरकारी नम्बर से जानकारी ले और अपनी गोपनीय जानकारी जैसे बैक खाते,पैनकार्ड, आधार कार्ड, की गोपनीय जानकारी ना दे। अगर किसी सरकारी विभाग से कॉल आए तो, सरकारी नम्बर से सम्पर्क करके जानकारी ले, किसी विदेशी नम्बर से कॉल आए तो नजरअंदाज करे। व्हाट्सएप पर अनजान नम्बर से विडियो कॉल/कॉल आने पर नजरअंदाज करें। किसी के बहकावे में ना आए क्योकि यूट्यूब चैनल को लाइक और सब्सक्राइब करने पर पैसे नही मिलते और ना ही रिचार्ज फ्री होते है। इस तरह के मेसेज भेजने वाले नम्बर को ब्लैक लिस्ट में डालें और 1930 पर उनकी रिपोर्टिंग करें।

महिला विरद्ध अपराध और महिला सुरक्षा के उपाय:

डायल 112 ऐप के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि अगर कोई भी व्यक्ति उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश करता है तो चुप रहकर इसे सहन करने की कोशिश ना करें क्योंकि यह आगे चलकर उनके शोषण का कारण बन सकता है। इसलिए इसके विरुद्ध एकजुट होकर लड़ाई लड़ें ताकि समाज में महिला सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। इसलिए इसके विरुद्ध एकजुट होकर लड़ाई लड़ें ताकि समाज में महिला सुरक्षा को बढ़ावा दिया जा सके। अगर कोई व्यक्ति किसी का शोषण करता है तो तुरंत परिजनों व पुलिस को डायल 112 पर सूचित करे। पुलिस द्वारा महिला सुरक्षा के संबंध में विशेष अभियान चलाया गया है जिसमें रात्रि के समय यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित की गई है जिसके तहत ट्रिप मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से रात्रि के समय यात्रा करने वाली महिलाओं को सूचना मिलने पर फोन के माध्यम से उनकी यात्रा को ट्रैक किया जाता है ताकि किसी प्रकार की वारदात होने से उन्हें बचाया जा सके और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के बारे में जानकारी:

पुलिस टीम ने बताया कि यातायात नियमों की जानकारी दी तथा 18 वर्ष से कम उम्र होने पर वाहन न चलाने की बात करते हुए वाहन (मोटरसाइकिल) चलाते समय हेलमेट का प्रयोग अवश्य करें की बात पर जोर दिया। बाइक या गाड़ी चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने में ही आप और सामने वाला सुरक्षित है। बिना हेलमेट के मोटरसाइकिल चलाने से एक्सीडेंट के दौरान सिर में गंभीर चोट लग सकती है। जिससे जान माल की हानि होने का अधिक खतरा बढ़ जाता है। उन्होनों कहा कि अगर बच्चे गाड़ी में बैठे हैं और आपके सीनियर गाड़ी चला रहे हैं तो आप उन्हें सीट बेल्ट लगाने की और यातायात नियमों के पालन करने की जानकारी दे सकते हैं।

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