डबल इंजन की मोदी-मनोहर जोड़ी ने कितनी बदली हरियाणा की तस्वीर?, भाजपा सरकार के नौ साल पूरे

हरियाणा में डबल इंजन वाली मनोहर सरकार वीरवार को अपने कार्यकाल के नौ साल पूरे किए। हरियाणा एक-हरियाणवी एक और सबका साथ-सबका विकास के मूल मंत्र के साथ व्यवस्था परिवर्तन का दावा करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इन नौ सालों में यूं तो सैकड़ों फैसले लिए हैं, लेकिन नौ बड़े फैसले ऐसे हैं।

जो न केवल दूसरे प्रदेशों के लिए उदाहरण बने, बल्कि मुख्यमंत्री की सोच व कार्यप्रणाली को अलग दिखाते हैं। राज्य सरकार की कुछ योजनाएं और फैसलों को मुख्यमंत्रियों की बैठक में स्वयं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) तक ने सराहा है। आइए जानते हैं कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल (CM Manohar Lal) की सरकार ने अपने नौ साल के कार्यकाल में कौन-कौन से नौ बड़े फैसले लिए हैं।

सरकारी विभागों में टेक्नोलॉजी ने बदली तस्वीर

सरकारी विभागों में टेक्नोलॉजी का बेहतरीन इस्तेमाल प्रदेश सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा है। इसके इस्तेमाल से न केवल भ्रष्टाचार (Corruption) के छिद्र बंद हुए हैं, बल्कि विकास के नए रास्ते भी खुले हैं। टेक्नालॉजी का ही नतीजा है कि बिचौलियों को बाहर करते प्रदेश सरकार ने किसानों के खातों में ऑनलाइन तरीके से उनकी फसल के करीब 85 हजार करोड़ रुपये स्थानांतरित किए हैं।

किसानों की जमीन का जबरन अधिग्रहण बंद

विकास परियोजनाओं के नाम पर किसानों की जमीन अधिगृहीत करने का सिस्टम अब बंद हो चुका है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किसानों की जमीन का अधिग्रहण करने की बजाय उनकी मर्जी से जमीन खरीदने की परिपाटी आरंभ की, जिसके लिए ई-भूमि पोर्टल बनाया गया। किसान इस पोर्टल पर स्वयं अपनी जमीन बेचने की पेशकश करते हैं। तब सरकार खरीदती है।

प्रदेश के 96 प्रतिशत परिवारों को मिली पहचान

परिवार पहचान पत्र मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। वर्तमान में हरियाणा के 96 प्रतिशत से अधिक परिवारों के पास पीपीपी आइडी (Family ID) हो गई है। जैसे-जैसे लोग सरकारी योजनाओं के लाभ के पात्र होते जाएंगे, उन्हें बिना किसी आवेदन के इन योजनाओं का लाभ मिलता चला जाएगा।

एमएसपी पर सर्वाधिक फसलों की खरीद

हरियाणा देश का एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां 14 फसलों की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही है। दो दर्जन बागवानी फसलों पर भी सरकार संरक्षित मूल्य दे रही है। बाजरा तक एमएसपी (mपर खरीदा जा रहा है। गन्ने का सर्वाधिक भाव भी यहीं पर है।

केंद्र ने लागू की हरियाणा की स्वामित्व योजना

प्रदेश सरकार ने गांवों में लाल डोरा खत्म कर दिया है। गांवों में मकान और प्लाट की रजिस्ट्री होने से न केवल जमीन के झगड़े खत्म हुए हैं, बल्कि ग्रामीण आसानी से प्रापर्टी की खरीद फरोख्त करने लगे हैं। ऐसी प्रापर्टी पर अब कर्ज लिया जा सकता है। केंद्र सरकार ने पूरे देश में हरियाणा की इस योजना को भूस्वामित्व योजना के रूप में लागू किया है।

नौकरियों में पारदर्शिता की ओर बढ़े कदम

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को तीन ओर से घेरे हरियाणा को केंद्र और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें होने का पूरा फायदा मिला है। विकास के डबल इंजन वाली मनोहर सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता और मेरिट पर युवाओं का चयन रहा है।

वरना एक दौर ऐसा भी था, जब नौकरी माफिया को लाखों रुपये की भेंट चढ़ाए बगैर किसी युवा को सरकारी नौकरी मिलना नामुमकिन था। पर्ची-खर्ची का सिस्टम खत्म होने के बाद इन नौ साल में हरियाणा में 1.10 लाख से अधिक युवा सरकारी नौकरियां प्राप्त कर चुके हैं।

ऑनलाइन शिक्षक तबादला नीति का बजा डंका

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 2025 तक पूरी तरह लागू करने का लक्ष्य लेकर चल रही मनोहर सरकार ने सरकारी स्कूलों में 10वीं से 12वीं कक्षा तक के बच्चों को पांच लाख लैपटाप दिए हैं। सरकार की आनलाइन शिक्षक तबादला नीति का पूरे देश में डंका बजा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में हरियाणा की शिक्षक तबादला नीति को अपनाने के लिए प्रेरित कर चुके हैं। आनलाइन तबादला नीति को राज्य के सभी सरकारी विभागों में लागू किया जा रहा है।

छह हजार गांवों में 24 घंटे बिजली

प्रदेश में करीब साढ़े छह हजार गांव हैं। इनमें से छह हजार के आसपास गांवों में जगमग हरियाणा के तहत 24 घंटे बिजली दी जा रही है। पानी बचाने के लिए मेरा पानी-मेरी विरासत तथा बर्बाद फसलों के लाभ के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल आरंभ किए गए हैं, जिनकी चर्चा देश भर में है।

महाग्राम और ग्राम दर्शन के बाद नगर दर्शन पोर्टल योजना को भी पसंद किया जा रहा है। इस योजना में लोग स्वयं अपने गांव या नगर के विकास कार्यों का अनुरोध सरकार से कर सकते हैं।

प्रदेश के माथे से कन्या भ्रूण हत्या का दाग धुला

प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान का असर है कि 2014 में 871 रहने वाला लिंगानुपात छलांग लगाकर 932 पर पहुंच गया है। महिलाओं के प्रति अपराधों पर नियंत्रण के लिए 16 फास्ट ट्रैक अदालतें गठित की गई हैं। 12 वर्ष तक की बच्चियों के साथ दुष्कर्म के मामले में फांसी की सजा का प्रविधान किया गया है।

NEWS SOURCE : jagran

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