गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के लिए आवेदन 10 जून तक आमंत्रित : डीआईपीआरओ बिजेन्द्र कुमार

Faridabad/Rakesh Kumar : 08 जून। जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी बिजेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा विलुप्त होती कलात्मक विधाओं की पहचान स्थापित करते हुए उन्हें संरक्षण देने के लिए गुरु शिष्य परंपरा प्रशिक्षण योजना के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं। कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा लुप्त होती विधाओं जैसे लोक गायन, लोकगाथा, लोक चित्रकला, लोक नाट्य, दुर्लभ वाद्य यंत्रों, लोक नृत्य विधा का प्रशिक्षण देने वाले गुरुओं व उनके शिष्यों के नाम, पता व दूरभाष नंबर सहित विवरण की सूची मांगी गई है। इस योजना के तहत 10 जून तक आवेदन किया जा सकता है।

जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी ने आगे बताया कि इस योजना के तहत चयनित गुरु व शिष्यों को उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज द्वारा गुरु को 7500 रुपए प्रतिमाह, प्रति संगीतकार को 3750 रुपए प्रतिमाह एवं प्रत्येक शिष्य को 1500 रुपए प्रतिमाह एक वर्ष तक मानदेय प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए लघु सचिवालय की जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। या फिर उक्त विद्याओं में पारंगत प्रशिक्षक अपना नाम, पता एवं दूरभाष नंबर सहित अन्य विवरण निदेशक कलां एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग, हरियाणा, एससीओ नंबर-29, सेक्टर 7-सी, मध्य मार्ग,  चंडीगढ़ भेज सकते हैं। ताकि उनका विवरण उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र  प्रयागराज को भिजवाया जा सके।

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