फरीदाबाद: अध्यापक के बेटे ने देश का नाम किया रोशन

फरीदाबाद: 19 जून को इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च मोहाली में डिग्री कन्वोकेशन के प्रोग्राम में अर्चित गुप्ता को डॉक्टरेट की उपाधि देकर सम्मानित किया गया । डॉ अर्चित को विश्व के नंबर एक संस्थान मेसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी, कैम्ब्रिज , अमेरिका द्वारा पोस्ट डॉक्टरेट वैज्ञानिक के पद पर तुरंत अप्वॉइंट कर लिया गया । पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय , फिलाडेल्फिया, अमेरिका ने भी अर्चित को अपने पास आने का निमंत्रण दिया ।
परंतु अर्चित ने एम आई टी में जाना स्वीकार किया।डॉक्टर अर्चित के मैंटर सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक तथा प्रोफेसर डॉक्टर पूर्णानंद गुप्ता शर्मा ने कहा कि डॉक्टर अर्चित के अंदर वह सारे गुण हैं जो एक दिन इसे विज्ञान द्वारा मानवता की सेवा करने के लिए विश्व विख्यात करेगा। गौरतलब है कि डॉक्टर अर्चित गुप्ता राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नंबर 3 फरीदाबाद में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत डॉक्टर परेश गुप्ता के सुपुत्र हैं ।एक पिता तथा एक शिक्षाविद के रूप में डॉक्टर परेश गुप्ता अपने पुत्र की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें पूरा विश्वास है कि यह पुत्र एक दिन विश्व में मानवता के लिए तथा विज्ञान के क्षेत्र में कोई ना कोई ऐसा कार्य जरूर करेगा जिस पर हमारे देश को गर्व होगा। एम आई टी कैंब्रिज , बोस्टन, अमेरिका जैसे संस्थान में कार्यरत होना तथा पोस्ट डॉक्टरेट साइंटिस्ट के रूप में कार्य करना एक स्वप्न मात्र है। यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है कि एक साधारण से अध्यापक का बेटा विश्व के सर्वोच्च संस्थान में शोध करेगा। डॉक्टर गुप्ता ने बताया कि अर्चित ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया है। बचपन में स्वास्थ्य से संबंधित काफी रुकावटें आईं जिनसे वह जूझता रहा। परंतु अपनी जिजिविषा तथा परिवार की सपोर्ट से खुद को संभाला। देश में पहली बार हुई नीट परीक्षा के द्वारा अर्चित ने पूरे देश में लगभग 24000 तथा पंजाब में 404 रैंक प्राप्त किया।
जब पहली काउंसलिंग में पंजाब के ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज राजपुरा में एडमिशन हुआ तब उसने यह कहकर दाखिला लेने से इनकार कर दिया कि या तो देश के सर्वोच्च संस्थान में से डॉक्टर बनेगा अन्यथा रिसर्च में जाएगा। उस समय इतनी छोटी सी उम्र में अपने माता-पिता से भी अधिक मानसिक मजबूती का परिचय दिया। सभी अध्यापकों ने इस बात को लेकर डॉक्टर परेश गुप्ता जो कि उसे समय प्राध्यापक थे, उनकी काफी आलोचना की। परंतु जब अर्चित ने पूरे राष्ट्र में लगभग पौने दो लाख स्नातक व स्नातकोत्तर इंजीनियरों की लिखित परीक्षा में प्रथम व द्वितीय स्थान प्राप्त करके भारत के शीर्ष तीन संस्थानों में दाखिला प्राप्त किया तथा ग्रेजुएशन के बाद सीधे डॉक्टरेट की डिग्री में दाखिला मिला व इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च, मोहाली सरीखे संस्थान में दाखिला मिलते ही सारे परिवार को यह समझ में आ गया कि यह बच्चा वास्तव में ठीक राह पर चल रहा है।
शिक्षक जगत तथा समाज एवं बच्चों के लिए जो एक बार किसी न किसी कारण से डिप्रेशन में चले जाते हैं, यह बच्चा अर्चित एक अनुकरणीय उदाहरण है। परिवार को समाज के सभी वर्गों से बधाईयों का तांता लगा हुआ है। डिग्री प्राप्त करने उपरांत डॉ अर्चित अपने पिता व अपने मैंटर विश्व विख्यात वैज्ञानिक एवं प्रोफेसर डॉक्टर पूर्णानंद गुप्ता शर्मा के साथ।

Related Articles

Back to top button