अब राजपूत समाज ने पेश किए नए दस्तावेज, नहीं थम रहा मिहिर भोज प्रतिमा अनावरण विवाद

एक तरफ जहां मूर्ति अनावरण को लेकर गुर्जर और राजपूत समाज के बीच पहले ही विवाद चला हुआ है, जो अभी तक भी थमने का नाम नहीं ले रहा। वहीं इस बीच अब मूर्ति स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा गुर्जर समाज को दी गई अनुमति के दस्तावेजों में गुर्जर शब्द ना होने को लेकर यह विवाद और गरमा गया है जिसके कुछ दस्तावेज राजपूत समाज ने पेश कर जिला प्रशासन से मूर्ति की अनुमति के अनुसार चौक बनाने की मांग की है।

अखिल भारतीय क्षत्रिय सभा कैथल के जिलाध्यक्ष एडवोकेट रणवीर राणा ने बताया कि जो गुर्जर समाज द्वारा मिहिर भोज चौक की प्रशासनिक अनुमति के लिए जो शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर को आवेदन किया था उस आवेदन में कहीं पर भी मिहिर भोज के नाम के आगे गुर्जर शब्द नहीं लिखा गया है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने भी सम्राट मिहिर भोज को मूर्ति स्थापित करने की अनुमति दी थी जिसमें कहीं पर भी उनके नाम के आगे गुर्जर शब्द नहीं लिखा गया है।

अधिवक्ता रणवीर राणा का कहना है कि जब प्रशासन द्वारा चौक की अनुमति में गुर्जर शब्द की अनुमति नहीं दी गई है तो फिर कैसे गुर्जर समाज ने चौक के चारों तरफ गुर्जर चौक लिख लिया है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जो अनुमति उन्होंने सम्राट मिहिर भोज के नाम से दी है उसी अनुसार चौक को बनाया जाए यदि प्रशासन इस बारे में कोई कार्रवाई नहीं करेगा तो फिर वह मजबूरन कोर्ट का सहारा लेंगे। रणवीर राणा का कहना है कि वह इस विषय को लेकर जल्द ही कैथल डीसी को ज्ञापन देंगे और इस बात को लेकर जो चंडीगढ़ हाईकोर्ट में 3 अगस्त को सुनवाई होनी है। वहां पर भी इस अनुभूति से संबंधित दस्तावेजों को रखेंगे।

बता दें कि इस पूरे मामले को लेकर राजपूत समाज द्वारा चंडीगढ़ उच्च न्यायालय में केस दायर किया हुआ है, जिसकी सुनवाई आगामी 3 अगस्त को होनी है। अब देखना यह होगा कि गुर्जर और राजपूत समाज के बीच चल रहे इस विवाद में चौक से संबंधित ली गई अनुमति के इस दस्तावेज पर कोर्ट क्या कुछ फैसला सुनाएगी।

NEWS SOURCE : punjabkesari

Related Articles

Back to top button