नजरें पानी से निकलने वाले सांपों पर…भय के साये में पढ़ने को मजबूर विद्यार्थी, हाथों में किताब

चरखी दादरी : बारिश के बाद से बने हालातों की झलक चरखी दादरी के राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल में देखने को मिल रही है। स्कूल परिसर से लेकर कमरों व लैब तक पानी लबालब हैं। हालात ऐसे बने हैं कि विद्यार्थियों के हाथों में किताब होती है तो उनकी नजरें पानी से निकलने वाले सांपों व अन्य कीड़ों पर लगी रहती है। भय के साये में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अपनी जान की परवाह है। इसके बावजूद स्कूल से पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध नहीं हुए। पानी से लबालब स्कूल होने के चलते 16 जुलाई तक स्कूल प्रबंधन को अवकाश करना पड़ा। वहीं जलभराव के हालातों पर अधिकारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों की एलएससी कटवाकर दूसरे स्कूलों की ओर रूख कर रहे हैं।
कमरों से लेकर लैब व शौचालय पानी से भरे लबालब
बता दें कि मानसून सीजन के दौरान लगातार छह सालों से जिला मुख्यालय पर राजकीय संस्कृति मॉडल स्कूल परिसर में जलभराव की स्थिति बनी रहती है। इस बार से हालात ऐसे बन गए कि पूरा स्कूल पानी से लबालब हो गया। यहां तक कि कमरों से लेकर लैब व शौचालय भी पानी में डूबे हुए हैं। ऐसे में स्कूल प्रबंधन द्वारा अवकाश घोषित करते हुए ऑनलाइन क्लासें शुरू करने की बात कही है।
AC कमरों में बैठकर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे शिक्षा अधिकारी
वहीं विद्यार्थियों का कहना है कि स्कूल के हालातों के चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में दूसरे स्कूलों में दाखिला लेना पड़ेगा। अध्यापक संघ प्रधान संजय शास्त्री ने भी शिक्षा अधिकारियों पर आरोप लगाए कि जलभराव की स्थिति होने से पहले कोई प्रबंध नहीं किए। अब ऐसे हालात बने गए हैं कि स्कूल में अवकाश घोषित करना पड़ा। कई बार प्रशासनिक अधिकारियों व उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे गए, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। पढ़ाई का विकल्प करने की बजाए शिक्षा अधिकारी एसी कमरों में बैठकर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी नवीन नारा ने कहा कि प्रशासन और विभाग स्कूल में भरे बरसाती पानी को निकालने के लिए प्रयास कर रहा है, मोटर लगा दी गई हैं। जल्दी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
NEWS SOURCE : punjabkesari




