पंजाब CM भगवंत मान को जान से मारने की दी धमकी, खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने कहा- 26 जनवरी को लेंगे निज्जर की हत्या का बदला

खालिस्तानी संगठन के आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने गणतंत्र दिवस से पहले भारत को निज्जर हत्याकांड का बदला लेने की धमकी दी है । पन्नू के एक अन्य कथित वीडियो में, वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बिना सुरक्षा के गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने की चुनौती देता दिख रहा है। वीडियो में वह कथित तौर पर कह रहा है, ‘मैं मोदी को चुनौती देता हूं, आप अपनी सुरक्षा के बिना दिल्ली आएं। यदि आप लोकप्रिय नेता हैं, तो गणतंत्र दिवस पर बिना सुरक्षा के आएं। एसएफजे खालिस्तान का झंडा फहराकर शहीद निज्जर की हत्या का बदला लेगा।’

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बुधवार सुबह बाहरी दिल्ली के चंद्र विहार इलाके की दीवारों पर खालिस्तान के समर्थन में लिखे नारे मिलने से हड़कंप मच गया। इससे पहले मंगलवार को निहाल विहार इलाके में भड़काऊ नारे लिखे मिले थे।  हालांकि दिल्ली पुलिस ने नारों को हटा दिया है और इस संबंध में  के भी दर्ज किया है। पन्नू  ने अपनी नईधमकी में 26 जनवरी पर दिल्ली में खालिस्तानी झंडा फहराने की चेतावनी दी  है। सूत्रों का कहना है कि पन्नू का वीडियो प्रसारित होने के बाद सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने चंद्र विहार के इलाके की दीवारों पर खालिस्तान के समर्थन में नारे लिखे। इन नारों में अलग खालिस्तान की मांग के लिए जनमत संग्रह और मतदान की मांग की गई है।

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पन्नू ने पंजाब के ‘गैंगस्टर’ से SFJ में शामिल होने को कहा और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को जान से मारने की धमकी दी है। उसने  मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत अन्य शीर्ष नेताओं को गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने से रोकने के लिए कहा है। इसी के साथ पन्नू ने पंजाब के मुख्यमंत्री मान और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव को परोक्ष रूप से धमकी दी।

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कुछ पत्रकारों को भेजे गए एक ईमेल और दो वीडियो में पन्नू ने भगवंत मान की तुलना पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह से की। बेअंत सिंह की 31 अगस्त, 1995 को एक बम विस्फोट में हत्या कर दी गई थी। प्रतिबंधित आतंकवादी समूह ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’ के किए गए इस बम धमाके में 17 अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। गुरपतवंत सिंह पन्नू ने पंजाब पुलिस के महानिदेशक यादव की तुलना पुलिस अधिकारी गोबिंद राम से की। डीजी गोबिंद राम की मौत 1990 में एक बम विस्फोट में हो गई थी।

 

जानें पन्नू के बारे में खास बातें 

  • पेशे से वकील पन्नू का परिवार पहले पंजाब के नाथू चक गांव में रहता था, जो बाद में अमृतसर के पास खानकोट में बस गया।
  • पन्नू के पिता महिंदर सिंह पंजाब मार्केटिंग बोर्ड के सचिव था।
  • पन्नू के एक भाई और एक बहन हैं।उसने  शुरुआती शिक्षा लुधियाना में की। 1990   में पन्नू ने पंजाब यूनिवर्सिटी से क़ानून की पढ़ाई की।
  • साल 1991-92  पन्नू अमेरिका चला गया जहां उसने कनेक्टिकट यूनिवर्सिटी  से  फाइनेंस में एमबीए की और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से क़ानून की डिग्री ली।
  • अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद 2014 तक पन्नू ने न्यूयॉर्क में वॉल स्ट्रीट में सिस्टम विश्लेषक के रूप में काम किया, इस दौरान वे राजनीतिक रूप से भी सक्रिय रहा।
  • साल 2007 में पन्नू ने सिख फ़ॉर जस्टिस की स्थापना की।
  •  संगठन का पंजीकृत कार्यालय अमेरिका के वॉशिंगटन में है, वहीं पन्नू न्यूयॉर्क  ऑफिस से काम करता है और वहीं अपनी लॉ फर्म भी चलाता है।
  • भारत से पंजाब को ‘आज़ाद’ कराने और खालिस्तान नारे के तहत पंजाबियों को आत्मनिर्णय का अधिकार दिलाने के लिए ‘सिख फॉर जस्टिस’ ने ‘रेफरेंडम-2020’ अभियान शुरू किया था।
  • इसके तहत पंजाब और दुनियाभर में रहने वाले सिखों को ऑनलाइन वोट करने के लिए कहा गया  लेकिन वोटिंग से पहले ही भारत सरकार ने 40 वेबसाइटों को सिख फ़ॉर जस्टिस और खालिस्तान समर्थक बताकर बैन कर दिया।
  • भारत इसे ‘आतंकवादी’ संगठन घोषित कर चुका है।

NEWS SOURCE : punjabkesari

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