Rajyasabha Byelection 2024: जानें BJP ने किसे बनाया उम्मीदवार, कुलदीप बिश्नोई को फिर झटका

दिल्ली : हरियाणा में राज्यसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। आज बीजेपी ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम पर ऐलान कर दिया है। भाजपा ने रेखा शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। अब कुलदीप बिश्नोई को फिर बड़ा झटका लगा है।

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बता दें कि हरियाणा में राज्यसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 20 दिसंबर को वोटिंग होनी है। कल (10 दिसंबर) नामांकन दाखिल करने की आखिरी डेट है।

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2015 में रेखा शर्मा की राष्ट्रीय महिला आयोग में एंट्री हुईरेखा शर्मा, जो पंचकूला जिले की निवासी हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की करीबी सहयोगी मानी जाती हैं। वह मोदी के हरियाणा में संगठन मंत्री रहते हुए पंचकूला में भाजपा कार्यालय की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। रेखा शर्मा का नाम भारतीय राजनीति में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के मामलों में प्रमुखता से लिया जाता है, विशेष रूप से जब वह राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रही थीं। रेखा शर्मा का जन्म साल 1964 में हुआ था। उन्होंने उत्तराखंड से पॉलिटिकल साइंस की डिग्री लेने के बाद मार्केटिंग और एडवरटाइजिंग में डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रख लिया। पंचकूला में भाजपा की सेक्रेटरी रह चुकी हैं। साथ ही वह मीडिया का काम भी संभालती थीं। 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद 2015 में रेखा शर्मा की राष्ट्रीय महिला आयोग में एंट्री हुई। 2017 में उन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया गया। वह महिला सुरक्षा और रेप के मुद्दों को लेकर मीडिया में चर्चा में रहीं।

कुलदीप बिश्नोई को फिर झटका 

सबसे प्रबल दावेदार माने जाने रहे पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई को फिर झटका दे दिया। अब इसराना विधायक कृष्णलाल पंवार की इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा सीट से बीजेपी ने रेखा शर्मा को उम्मीदवार बनाया है। वह सीट से संसद में पहुंचना चाहते थे, लेकिन वह इस कवायद में कामयाब नहीं हुए। दरअसल कुलदीप बिश्नोई चाहते थे कि उनके बेटे भव्य को नायब सरकार में मंत्री पद मिले परंतु ऐसा नहीं हुआ था। कुलदीप बिश्नोई को सबसे बड़ा झटका तब लगा, जब लोकसभा चुनाव में हिसार से उनकी दावेदारी को दरकिनार कर ताऊ देवीलाल के छोटे बेटे रणजीत सिंह चौटाला को उम्मीदवार बना दिया गया। इसके बाद रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा की इस्तीफे से खाली हुई राज्यसभा की सीट पर एक बार फिर उन्हें किनारे लगाकर लोकसभा चुनाव के ऐन बाद बीजेपी में शामिल हुईं किरण चौधरी को उम्मीदवार बना दिया था। कुलदीप बिश्नोई चाहते थे कि उनके बेटे भव्य को नायब सरकार में मंत्री पद मिले परंतु ऐसा नहीं हुआ था। पहली बार ऐसा हुआ है कि भजनलाल परिवार में कुलदीप बिश्नोई परिवार से कोई भी ना लोकसभा, ना विधानसभा, ना राज्यसभा में है। हालांकि चंद्रमोहन पंचकूला से विधायक है।

NEWS SOURCE Credit : lalluram

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