उच्च रक्तचाप हार्ट अटैक का प्रमुख कारण, करें नियंत्रित: डॉ. सिम्मी मनोचा

फरीदाबाद : अनियमित होती दिनचर्या और अनुचित खान-पान न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है। बल्कि हार्ट अटैक का मुख्य कारण भी बनता जा रहा है। इसलिए इसे नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। विश्व हाइपरटेंशन डे पर यह कहना है ग्रेटर फरीदाबाद स्थित एकॉर्ड अस्पताल कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट निदेशक डॉ. सिम्मी मनोचा का।
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सिम्मी मनोचा ने बताया की
अनुचित खान-पान और भाग दौड़ की दिनचर्या की वजह से रक्त चाप पर भी इसका असर पड़ता है। जिसके कारण व्यक्ति उच्च रक्तचाप या फिर निम्न रक्त चाप का मरीज हो जाता है। दोनों ही तरह के रक्तचाप होने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। इसलिए इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए विश्व उच्च रक्तचाप दिवस के अवसर पर अस्पताल में रक्तचाप और मधुमेह की स्क्रीनिंग शुरू की गई है। जिसका लोग लाभ उठाएं।
देश में 13 करोड़ लोग हैं हाइपरटेंशन के शिकार
वर्ष 2012 में जारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 13 करोड़ 90 लाख लोग अनियंत्रित उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं और यह संख्या हर साल बढ़ रही है। भारत में वर्ष 1960 में उच्च रक्तचाप से 5 प्रतिशत लोग पीड़ित जो बढ़कर 1990 में लगभग 12 प्रतिशत हो गया। वर्ष 2008 में यह बढ़कर 30 प्रतिशत हो गया और लोग अपने 20 के दशक में भी उच्च रक्तचाप से पीड़ित होने लगे। उच्च रक्तचाप भारत में सभी स्ट्रोक से होने वाली मौतों में से 57 प्रतिशत और कोरोनरी हृदय रोग से होने वाली 24 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार है। उच्च रक्तचाप भारत में सभी स्ट्रोक से होने वाली मौतों में से 57 प्रतिशत और कोरोनरी हृदय रोग से होने वाली 24 प्रतिशत मौतों के लिए जिम्मेदार है।
डॉ. सिम्मी मनोचा ने कहा, “मामूली लगने वाले ये लक्षण धमनियों और शरीर के महत्वपूर्ण अंगों के नुकसान पहुंचने के संकेत हो सकते हैं जो आगे चलकर जीवन के लिए घातक हो सकते हैं और आपात चिकित्सा की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए, हमें न केवल उच्च रक्तचाप की पहचान और नियंत्रण नहीं करना चाहिए, बल्कि आम लोगों में उच्च रक्तचाप के प्रसार को कम करने के लिए स्वस्थ जीवन शैली और निवारक रणनीतियों को बढ़ावा देना चाहिए।
फोन नंबर की तरह ब्लड प्रेशर के नंबर को रखें याद
डॉ. सिम्मी ने कहा की आज के दौर में लोगों को अपने फोन नंबर की तरह ब्लड प्रेशर के नंबर को याद रखना चाहिए। किस दिन कितना बीपी रहा। यदि बढ़ता है तो बिना देर किए तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। इससे डॉक्टर को इलाज में आसानी होगी। हाइपरटेंशन है साइलेंट किलर डॉ. सिम्मी ने बताया कि हाइपरटेंशन को ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है, क्योंकि उच्च रक्तचाप से पीड़ित 30 प्रतिशत से अधिक लोगों को इससे पीड़ित होने का पता नहीं होता है। कई बार इसके बहुत मामूली लक्षण प्रकट होते हैं या कोई लक्षण नहीं होते हैं। आपको जिन संकेतों पर ध्यान देना चाहिए, वे हैं – सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द या भारीपन, सिरदर्द, हृदय की अनियमित धड़कन (धड़कन), देखने में समस्या, पेशाब करने में समस्या आदि।




