4 लेबर कोड रद्द को रद्द करवाने,बिजली निजीकरण पर रोक लगवाने की मांग पर 09 जुलाई को प्रदेश के बिजली कर्मचारी करेंगे राष्ट्रव्यापी हड़ताल: संजय धनगईंया

फरीदाबाद। इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाईज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) की वर्किंग कमेटी के सदस्य और ऑल हरियाणा पॉवर कॉरपोरेशंज वर्कर यूनियन के राज्य वरिष्ठ उपप्रधान शब्बीर अहमद गनी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जबरन थोपे जा रहे चार लेबर कोड और बिजली वितरण प्रणाली के निजीकरण के विरोध में 9 जुलाई को बिजली कर्मचारी राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने विरोध प्रदर्शन के बावजूद निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए, तो कर्मचारी बड़े आंदोलन की लड़ाई के लिए बाध्य होंगे। आज दिनांक 21 जून को ओल्ड फरीदाबाद यूनिट की कार्यकारिणी बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन कानूनों से गरीब, किसान और आम उपभोक्ता को सस्ती बिजली से महरूम कर दिया जाएगा।
निजीकरण के चलते कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार लटकेगी और युवाओं के रोज़गार पर हमला होगा । यूनिट कार्यकारणी मीटिंग की अध्यक्षता यूनिट प्रधान करतार सिंह जागलान ने की और संचालन यूनिट सचिव प्रवेश बैसला ने किया। हड़ताल की तैयारिक लिए आंदोलन की आगामी योजनाएं बनाई गई। 26 जून को फरीदाबाद जिले के बिजली कर्मचारियों की कन्वेंशन होगी, जिसे राज्य अध्यक्ष सुरेश राठी सहित अन्य वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे। सभी सब डिवीजनों में गेट मीटिंग्स आयोजित की जाएंगी। दिनांक 4 जुलाई से 7 जुलाई तक एसकेएस एवं सीटू का प्रदेशव्यापी संयुक्त जत्थौं के साथ सभी विभागों, सरकारी कार्यालयों, प्राइवेट कंपनी, मजदूर और आप जनता के बीच में जाकर हड़ताल के कारण की जानकारी दी जाएगी। और इस नीतियों के आम जनता पर पड़ने वाले दुष्परिणामों के बारे मे बताया जाएगा व पर्चे बाटे जायेगे।
देशव्यापी हड़ताल के मुद्दे: 1. चारों श्रम संहिताओं को रद्द किया जाए; पुराने 29 श्रम कानून बहाल हों। 2. ठेका कर्मियों का नियमितीकरण और कौशल रोजगार निगम समाप्त हो। 3. पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल हो; PFRDA एक्ट रद्द किया जाए। 4. सार्वजनिक क्षेत्र के निजीकरण पर रोक लगे। 5. ₹26,000/- न्यूनतम वेतन सुनिश्चित किया जाए। 6. हरियाणा में पाँच लाख से अधिक रिक्त पदों को भरकर युवाओं को रोजगार दिया जाए। 7. 8वें वेतन आयोग की अधिसूचना जल्द जारी हो। 8. 18 महीने से लंबित डीए/डीआर का भुगतान हो। मीटिंग को संबोधित करते हुए एएचपीसी केंद्रीय सदस्य, एसकेएस व ओल्ड यूनिट प्रधान करतार सिंह जागलान ने बताया कि चार लेबर कोड्स लागू करने के केंद्र सरकार के फ़ैसलों की इस मीटिंग में कड़ी आलोचना की जाती है और 9 जुलाई को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल में प्रदेश के सारे कर्मचारी लाखों की संख्या में हिस्सा लेंगे। बिजली निगमों में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से हो रही अनियमित सेवा समाप्त कर ठेका कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
ऑनलाइन ट्रांसफर नीति व निजीकरण योजनाओं को रद्द किया जाए।1 अप्रैल 2025 से लागू बिजली दरों में बढ़ोतरी को वापस लिया जाए। एक्स-ग्रेशिया योजना से शर्तें हटाई जाएं। शिफ्टों में कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों को शिफ्ट भत्ता मिले। बिजली कर्मचारियों को ₹10,000/- मासिक रिस्क भत्ता दिया जाए। आदि मांगे इस हड़ताल से जुड़ी हुई है। मीटिंग में निम्न पदाधिकारी शामिल हुए। संजय धनगईंया, मानवर सिंह, मुकेश लंबा, नरेश कुमार, कुलदीप, अरुण कौशिक, पूजा कुमारी, संजय अत्री, विनोद शर्मा, आदि।




