इन 5 बड़ी बातों से मोदी सरकार को हिलाया, लोकसभा में राहुल गांधी ने किसानों से किया वादा

लोकसभा में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट को लेकर भी राहुल गांधी ने कई सवाल उठाए और साथ ही पेपर लीक मामले को उठाकर मोदी सरकार को हिलाने का काम किया। राहुल गांधी ने किसानों को लेकर भी भाजपा को घेरा। साथ ही किसानों से वादा किया कि अगर वो सत्ता में आए तो किसानों को एमएसपी देंगे।

इन 5 बड़ी बातों से विपक्ष को हिलाया

– राहुल गांधी ने कहा, ”अन्नदाता ने आपके चक्रव्यूह से निकलने के लिए आपसे सिर्फ एक चीज मांगी है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी दे दीजिए, लेकिन नहीं दिया गया।” कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘एमएसपी की कानूनी गारंटी इतना बड़ा काम नहीं है। अगर बजट में इसका प्रावधान कर दिया जाता तो किसान चक्रव्यूह से निकल जाता। ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन की तरफ से मैं कहना चाहता हूं कि हम एमएसपी की कानूनी गारंटी देंगे।”

PunjabKesari

– उन्होंने कहा, ‘‘हजारों साल पहले अभिमन्यु को चक्रव्यूह में छह लोगों ने फंसा कर मारा था…चक्रव्यूह का दूसरा नाम है- ‘पद्मव्यूह’, जो कमल के फूल के आकार का होता है। इसके अंदर डर और हिंसा होती है।” कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के अलावा चार और लोगों का नाम लिया, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आपत्ति जताई।

– राहुल गांधी ने दावा किया, ‘‘21वीं सदी में एक और चक्रव्यूह तैयार किया गया है… जो अभिमन्यु के साथ हुआ, वही हिंदुस्तान के साथ किया जा रहा है।” कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘अभिमन्यु को चक्रव्यूह में छह लोगों ने घेर कर मारा था। आज भी चक्रव्यूह रचने वाले छह लोग हैं।” उन्होंने दावा किया कि जिस तरह से अभिमन्यु को चक्रव्यूह में फंसाया गया था उसी तरह हिंदुस्तान को फंसा दिया गया है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया, ‘‘सेना के जवानों को अग्निपथ के चक्रव्यूह में फंसाया गया। बजट में अग्निवीरों को पेंशन के लिए रुपया नहीं दिया गया।”

– उन्होंने कहा, ”आपने कोविड के दौरान छोटे व्यवसायों को नुकसान पहुंचाया, जिससे देश की आर्थिक ढांचा कमजोर हो गया। बजट में इंटर्नशिप प्रोग्राम का जिक्र किया गया, लेकिन यह केवल 500 बड़ी कंपनियों में ही लागू होगा। 99 प्रतिशत युवाओं को इससे कोई फायदा नहीं होगा। इसका मतलब यह है कि आपने पहले समस्याएँ पैदा कीं और अब उनकी मरम्मत करने का प्रयास कर रहे हैं।”

– राहुल गांधी ने कहा कि इस बार का बजट 20 अधिकारियों ने तैयार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये अधिकारी सिर्फ खुद के फायदे की चिंता कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि दलित, आदिवासी और गरीब लोगों के आंकड़े जनगणना में शामिल होने चाहिए। उन्होंने एक तस्वीर दिखाते हुए कहा कि बजट बनाने वाले अधिकारियों में कोई OBC, आदिवासी, या दलित अधिकारी नहीं है। इससे 73 प्रतिशत लोग कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मुस्कुराते हुए सिर पर हाथ रख लिया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि 20 लोगों ने हिंदुस्तान का बजट तैयार किया है, और यह एक गंभीर मुद्दा है।

NEWS SOURCE Credit : punjabkesari

Related Articles

Back to top button