अब तक 4 टूटे, झटके पर झटका, मुश्किलों में घिरी AAP तो साथ छोड़ने लगे अपने

कथित शराब घोटाले को लेकर मुश्किलों में घिरी आम आदमी पार्टी (आप) को हाल के समय में कई बड़े झटके लगे हैं। संकट के बीच पिछले चार महीने में कम से कम चार ऐसे नेता पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं जो झाड़ू के निशान पर विधानसभा का चुनाव जीत चुके हैं। इनमें मंत्री, विधायक से पूर्व विधायक तक शामिल हैं। मंत्री पद पर रहते हुए राजकुमार आनंद के इस्तीफे से जो सिलसिला शुरू हुआ वह अब तेज होता दिख रहा है। एक ही दिन में पार्टी के विधायक और पूर्व विधायक ने साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है तो पिछले दिनों बागी बन चुके एक पूर्व विधायक को पार्टी बाहर निकालने पर मजबूर हो गई।
मंत्री राजकुमार आनंद ने छोड़ा था साथ, अब पत्नी संग भाजपा में गए
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अप्रैल में सामाज कल्याण मंत्री राजकुमार आनंद ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। पटेल नगर सीट से विधायक आनंद ने यह कहते हुए पद छोड़ने का ऐलान किया कि पार्टी में दलितों का सम्मान नहीं बचा। लोकसभा चुनाव के दौरान वह पार्टी छोड़कर बसपा में शामिल हो गए और लोकसभा का चुनाव भी लड़ा। हालांकि, चुनाव में उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। अब बुधवार को उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। पटेल नगर सीट से ही 2013 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर विधायक बनीं राजकुमार आनंद की पत्नी वीणा आनंद ने भी अब भाजपा का दामन थाम लिया है।
छतरपुर के विधायक करतार सिंह तंवर ने भी बदला पाला
तीन दिन पहले तक आम आदमी पार्टी के साथ दिख रहे छतरपुर के विधायक करतार सिंह तंवर ने अचानक पाला बदल लिया है। 7 जुलाई को भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को निर्दोष बताने वाले पोस्ट को रीट्वीट करने वाले तंवर अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप लगाए और कहा कि पिछले कुछ समय में दिल्ली की हालत बहुत खराब हो गई है। करतार सिंह छतरपुर से दो बार के विधायक हैं। 2020 से पहले वह 2015 में भी जीत हासिल कर चुके हैं। आम में शामिल होने से पहले करतार भाजपा के ही सदस्य थे और पार्टी ने कहा कि वह घरवापसी कर रहे हैं।
बागी हुए पूर्व विधायक को निकाला
पिछले महीने आम आदमी पार्टी ने बागी बन चुके अपने एक पूर्व विधायक नितिन त्यागी को सस्पेंड कर दिया था। नितिन त्यागी लोकसभा चुनाव के बीच पार्टी की नीतियों पर सवाल उठाने लगे थे। उन्होंने पिटाईकांड के बाद स्वाति मालीवाल के पक्ष में भी आवाज उठाई थी।
विधानसभा चुनाव से पहले झटके
इन चार विधायकों और पूर्व विधायकों के अलावा कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी हाल के दिनों में आम आदमी पार्टी का साथ छोड़ चुके हैं। पार्टी को ये झटके ऐसे समय पर लगे हैं जब कुछ ही महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने जा रहा है। जनवरी-फरवरी 2025 में विधानसभा चुनाव हो सकता है। चुनाव के तक दलबदल और तेज होना लाजिमी है।
NEWS SOURCE : livehindustan




