कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई पर पीएम मोदी ने कसा तंज, ‘सचिन पायलट को दूध में से मक्खी की तरह निकाल फेंका’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को लेकर बृहस्पतिवार को एक बार फिर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि गुर्जर समाज का एक बेटा राजनीति में जगह बनाने के लिए संघर्ष करता है लेकिन सत्ता मिलने के बाद उसे दूध में से मक्खी की तरह निकला करके फेंक दिया जाता है। मोदी ने देवगढ़ (राजस्थान) में एक चुनाव जनसभा को संबोधित करते हुए कहा,‘‘…गुर्जर समाज का एक बेटा राजनीति में जगह बनाने के लिए संघर्ष करता है।

‘दूध में से मक्खी की तरह निकाल फेंका’
पार्टी के लिए जान लगाता है और सत्ता मिलने के बाद ‘शाही परिवार’ की शह पर उसे दूध में से मक्खी की तरह निकाल करके फेंक दिया जाता है।” उन्होंने कहा,‘‘स्वर्गीय राजेश पायलट जी के साथ भी इन्होंने यही किया और उनके बेटे के साथ भी यही कर रहे हैं।” मोदी ने कहा, ‘‘गुर्जरों का जितना अपमान कांग्रेस ने किया है… यह राजस्थान की पहली पीढ़ी ने भी देखा है और आज की पीढ़ी भी देख रही है।”

सचिन पायलट के पिता का किया जिक्र 
कल राजस्थान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा था, ”राजेश पायलट जी ने कभी इस कांग्रेस परिवार को चुनौती दी थी, लेकिन यह परिवार ऐसा है कि राजेश जी को तो सजा दी उनके बेटे (सचिन पायलट) को भी सजा देने में लगे हुए हैं।” मोदी का इशारा उस घटना की ओर था जब दिवंगत राजेश पायलट ने 1997 में पार्टी अध्यक्ष पद के लिए सीताराम केसरी के खिलाफ चुनाव लड़ा और इसके बाद पार्टी आलाकमान का समर्थन एक तरह से गंवा दिया। राजेश पायलट के बेटे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन ने कल मोदी के बयान को तथ्यात्मक रूप से गलत और जनता का ध्यान भटकाने वाला बताया था।

इससे बड़ी महिला विरोधी सरकार नहीं देखी
पायलट गुर्जर समाज के नेता हैं और 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्वी राजस्थान में गुर्जर समाज ने कांग्रेस को वोट दिया था। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए 25 नवंबर को मतदान होना है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘‘राजस्थान ने आज तक इससे बड़ी महिला विरोधी सरकार नहीं देखी। इसलिए राजस्थान के जन जन ने कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प ले लिया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि ‘जल हो, नभ हो, थल हो… कांग्रेस का पंजा एक ही काम करता है—लूटो।’

NEWS SOURCE : punjabkesari

Related Articles

Back to top button