प्रशासन द्वारा 27 स्लम क्षेत्रों की पहचान कर गरीब परिवारों व स्लम बस्तियों के बच्चों के लिए लगाए फ्री पुनर्वास कैम्प: डीसी विक्रम सिंह

फरीदाबाद : डीसी विक्रम सिंह के निर्देशानुसार ज़िला फरीदाबाद में प्रशासन द्वारा 27 स्लम क्षेत्रों की पहचान की गई। इन क्षेत्रों की पहचान कर वहां रहने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए निशुल्क कैम्पों का आयोजन किया गया।
डीसी ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इन कैम्पों का आयोजन गत 16.08.2023 से 10.10.2023 तक किया गया। वहीं इन कैम्पों के माध्यम से बेसहारा व स्लम क्षेत्रों में रहने वाले 2288 बच्चों का पंजीकरण किया गया। जिनमें से 2266 बच्चों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई तथा उन्हें निःशुल्क उपचार भी उपलब्ध कराया गया। कैम्पों के जरिये ही 1034 बच्चों के आधार, 827 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र, 514 बच्चों के परिवार पहचान पत्र बनाए गए। चिन्हित गरीब परिवारों के 41 बच्चों का नजदीकी सरकारी स्कूलों में दाखिला कराया गया तथा 514 बच्चों का आंगनवाड़ी सेंटरों में दाखिला कराया गया। कैम्पों के माध्यम से बच्चों व उनके माता पिता तथा अभिभावकों को जुवेनाइल जस्टिस एक्ट 2015 एवं पोस्को एक्ट 2012 के बारे में भी जानकारी भी दी गई।
बता दें कि बेसहारा व स्लम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रदेश सरकार को कदम उठाने के लिए निर्देशित किया गया था। इसकी अनुपालना में फरीदाबाद जिला में डीसी श्री विक्रम सिंह के कुशल मार्गदर्शन में जिला प्रशासन फरीदाबाद व चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट के संयुक्त तत्वावधान में कैम्पों का आयोजन किया गया।
*कैम्पों में बच्चों को ये दी गई सुविधाएं:-*
एडीसी आनन्द शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार कैम्पों के माध्यम से बेसहारा व स्लम क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को बुनियादी सुविधाएं व जरूरतें मुहैय्या कराई गई। इन बच्चो को कैम्पों के माध्यम से निशुल्क मेडिकल उपचार भी उपलब्ध कराया गया। वहीं उक्त कैम्पों के माध्यम से इन बच्चों के जरूरी कागज़ात जैसे जन्म प्रमाण पत्र, फैमिली आईडी, डोमोसईल, आधार कार्ड भी बनवाएं गए। ज़िला में लेबर विभाग व चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने विभिन्न स्थानों पर छापे मारकर चाइल्ड लेबर के केसों की भी जांच की गई।




