परिवार में खुशी की लहर, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में जुटे डॉक्टर हरिओम पद्मश्री के लिए चयनित

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के डॉक्टर हरिओम का नाम पदमश्री के लिए चयनित होने पर उनके परिजनों में खुशी की लहर दिखी। दरअसल किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करने वाले डॉक्टर हरिओम बोले कि जैविक-रासायनिक खेती से बढ़ रही ग्लोबल वार्मिंग का एकमात्र समाधान प्राकृतिक खेती है।

बता दें कि हरिओम हर आम किसान तक प्राकृतिक खेती की पहुंच के लिए जुटे हैं। जैसे ही गणतंत्र दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार की ओर से पद्मश्री के लिए उनके नाम की घोषणा की गई थी तो न केवल परिवार बल्कि पूरे कुरुक्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। यही नहीं प्राकृतिक खेती के आधार बने गुरुकुल कुरुक्षेत्र में भी खुशी की लहर है तो वहीं डॉक्टर हरिओम को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
जानें कौन हैं डॉक्टर हरिओम
डॉक्टर हरिओम चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के अंतर्गत स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में प्रमुख वैज्ञानिक के तौर पर कार्यरत रह चुके हैं, उन्होंने कैथल कुरुक्षेत्र के अलावा भी कई जगह अपनी सेवाएं दी है और सेवानिवृत्ति के बाद पिछले कई वर्षों से आचार्य देवव्रत के प्राकृतिक खेती मॉडल को बढ़ावा देने में लगे हैं।
डॉक्टर हरिओम ने पीएम मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री, हरियाणा सरकार व गुजरात के राज्यपाल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती का मिशन जोकि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र से हरियाणा सरकार ने चलाया है। उसके पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन भी है, क्योंकि वर्तमान परिवेश में ग्लोबल वार्मिंग एक विकराल रूप धारण कर रहा है और प्राकृतिक खेती करने से जमीन की जुताई व खरपतवार तथा उत्पादन लागत में कमी यानि खासा फायदा होता है तथा किसानों की समस्याओं का समाधान भी होता है।
NEWS SOURCE : punjabkesari




