शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, पति-पत्नी समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद के युवक से शादी के नाम पर 41 हजार रुपये ठगे, क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 ने अलीगढ़ से दबोचा; मास्टरमाइंड महिला की तलाश जारी

भावना कौशिश,फरीदाबाद। शादी कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का क्राइम ब्रांच सेक्टर-48 ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पति-पत्नी समेत पांच आरोपियों को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपियों को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ और अन्य मामलों का खुलासा करने के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दानिश चमन (35), महविश दानिश (27), सचिन (27), संजीव (52) निवासी अलीगढ़ तथा प्रदीप (34) निवासी बुलंदशहर के रूप में हुई है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार थाना सारन में संजय एन्क्लेव निवासी राजकुमार पांचाल की शिकायत पर शादी का झांसा देकर 40 हजार रुपये से अधिक की ठगी का मामला दर्ज किया गया था।

शिकायत के अनुसार आरोपियों ने पहले उन्हें लड़की दिखाने के बहाने दो-तीन बार अलीगढ़ बुलाया, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में उनके मोबाइल पर ‘पूजा’ नाम से एक युवती की फोटो भेजी गई, जिसे उन्होंने पसंद कर लिया। 5 सितंबर 2025 को कथित लड़की और उसके परिवार के सदस्य बनकर कुछ लोग फरीदाबाद स्थित उनके घर पहुंचे और टीका रस्म के नाम पर 11 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद शादी की तैयारियों के नाम पर 30 हजार रुपये और वसूल लिए तथा 7 सितंबर 2025 को अलीगढ़ के एक मंदिर में शादी कराने की बात कही।

निर्धारित तारीख पर शिकायतकर्ता मंदिर पहुंचा, लेकिन वहां कोई नहीं आया। इसके बाद उन्हें अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता का परिचित बंटी उर्फ अविनाश इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी था। उसने रिश्ते कराने वाली रानी उर्फ लक्ष्मी से संपर्क कराया। रानी ने पहले कई बार अलीगढ़ बुलाया और बाद में आरोपी महविश दानिश की तस्वीर ‘पूजा’ के नाम से भेज दी। फोटो पसंद आने के बाद गिरोह के सदस्यों ने अलग-अलग रिश्तेदारों का किरदार निभाया। प्रदीप को लड़की का चाचा, संजीव को काका, सचिन को बिचौलिया, दानिश को भाई और महविश को बड़ी बहन बताकर शिकायतकर्ता का विश्वास जीता और ठगी की वारदात को अंजाम दिया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महविश दानिश पहले भी इसी तरह के ठगी के दो मामलों में जेल जा चुकी है। वहीं आरोपी प्रदीप भी अलीगढ़ और डासना जेल में ठगी के मामलों में बंद रह चुका है।

पुलिस ने बताया कि इस गिरोह की कथित मास्टरमाइंड रानी उर्फ लक्ष्मी अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों ने इसी तरह की और कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।

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