4 साल बाद परिवार से मिली बेटी, फरीदाबाद पुलिस की मेहनत लाई रंग
वीडियो कॉल पर छलक पड़े खुशी के आंसू, झारखंड की 16 वर्षीय बच्ची को परिवार से मिलाया गया
भावना कौशिश,फरीदाबाद । पुलिस की किडनैपिंग एबडक्शन टीम (KAT) और बाल कल्याण समिति की संवेदनशीलता व सूझबूझ ने एक परिवार को 4 साल बाद उसकी बिछड़ी बेटी से मिला दिया। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले की रहने वाली 16 वर्षीय बच्ची अक्टूबर 2022 में अपने मामा के साथ फरीदाबाद आई थी, जहां भीड़भाड़ में वह परिवार से बिछड़ गई थी।
अशिक्षित होने और कानूनी जानकारी के अभाव में बच्ची के माता-पिता गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करा सके। इसके बाद बच्ची फरीदाबाद के कर्ममार्ग चाइल्ड शेल्टर होम में रह रही थी। भाषा की समस्या के कारण वह अपने घर या परिवार की सही जानकारी नहीं दे पा रही थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन के अनुरोध पर KAT टीम के इंचार्ज ने विशेष टीम गठित की, जिसमें ASI अमर सिंह और सिपाही नितेश को शामिल किया गया। टीम ने बच्ची की काउंसलिंग के दौरान कई राज्यों और जिलों के नाम लिए। जैसे ही ‘पश्चिमी सिंहभूम’ का नाम लिया गया, बच्ची ने पहचान के संकेत दिए।
इसके बाद फरीदाबाद पुलिस ने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के थानों और ग्राम प्रधानों से संपर्क साधा। आखिरकार ग्राम प्रधान के जरिए बच्ची के परिवार तक पहुंच बनाई गई और अक्टूबर 2022 में बच्ची के लापता होने की पुष्टि हुई।
वीडियो कॉल के जरिए जब बच्ची की अपने माता-पिता से बात करवाई गई, तो दोनों तरफ खुशी के आंसू छलक पड़े। 23 मई 2026 को सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद बच्ची को उसके परिवार को सौंप दिया गया।
परिवार ने बेटी को सुरक्षित पाकर फरीदाबाद police का आभार जताया और कहा कि खाकी का यह मानवीय चेहरा हमेशा याद रहेगा।



