गिरफ्तारी का डर दिखाकर 48 लाख की साइबर ठगी, बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

साइबर थाना बल्लभगढ़ की बड़ी कार्रवाई, फर्जी NIA और सरकारी अधिकारी बनकर पीड़ित से 11 से 15 दिसंबर 2025 के बीच करवाई गई थी 48 लाख रुपये की ट्रांसफर; दोनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया।

भावना कौशिश,फरीदाबाद। साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही फरीदाबाद पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना बल्लभगढ़ की टीम ने गिरफ्तारी का डर दिखाकर 48 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अतुल (24), निवासी शिवपुरी, मध्य प्रदेश और यीतेंद्र (30), निवासी ग्वालियर, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस ने अतुल को शिवपुरी (मध्य प्रदेश) तथा यीतेंद्र को आगरा (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, सेक्टर-8 निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना बल्लभगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि 8 दिसंबर 2025 को उसके पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को हरियाणा प्रशासनिक विभाग, चंडीगढ़ का अधिकारी बताया और कहा कि शिकायतकर्ता के आधार कार्ड पर फर्जी सिम जारी की गई है, जिसका इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों में किया जा रहा है। इसके साथ ही उसे यह भी बताया गया कि उसके नाम पर 7 से 8 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है।

इसके बाद कथित अधिकारी ने पीड़ित को एक अन्य नंबर पर संपर्क करने के लिए कहा। दूसरे व्यक्ति ने स्वयं को NIA अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उसे गिरफ्तार करने के लिए टीम भेजी जा रही है। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर ठगों ने पीड़ित को अपने झांसे में ले लिया।

ठगों ने 11 दिसंबर से 15 दिसंबर 2025 के बीच पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में कुल 48,00,000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना बल्लभगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों ने खाताधारक प्रशांत से बैंक खाता लेकर उसका एक्सेस टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। जांच में यह भी सामने आया कि दोनों आरोपियों की मुलाकात ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुई थी और वहीं से उन्होंने इस साइबर नेटवर्क के लिए काम करना शुरू किया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अतुल बी.ए. पास है और खेतीबाड़ी का कार्य करता है, जबकि यीतेंद्र 12वीं पास है और कपड़े बेचने का काम करता है। दोनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क, अन्य सहयोगियों और ठगी की रकम के लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग जुटाने का प्रयास कर रही है।

फरीदाबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा खुद को पुलिस, NIA, CBI, साइबर सेल या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर फोन पर डराने-धमकाने या पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहने पर तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की राशि ट्रांसफर न करें और तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या निकटतम साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

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