14 महीने बाद बनी नगर निगम फरीदाबाद की फाइनेंस कमेटी, अब सीनियर डिप्टी मेयर चुनाव पर टिकी निगाहें

मेयर प्रवीण बत्रा बोलीं— बड़े विकास प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार, सरकार के निर्देश मिलते ही होगा सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव

भावना कौशिश,फरीदाबाद। लंबे इंतजार के बाद फरीदाबाद नगर निगम की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी का गठन कर दिया गया है। करीब 14 महीने बाद कमेटी के अस्तित्व में आने से नगर निगम के विकास कार्यों और बड़े प्रोजेक्ट्स को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। वहीं अब निगम की राजनीति का केंद्र सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव बन गया है, जिसकी घोषणा सरकार कभी भी कर सकती है।

नगर निगम की मेयर प्रवीण बत्रा ने कहा कि फाइनेंस कमेटी के गठन से विकास कार्यों में तेजी आएगी और निगम के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने का रास्ता आसान होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार जब भी सीनियर डिप्टी मेयर चुनाव की तारीख तय करेगी, उसी दिन चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी में मेयर प्रवीण बत्रा, नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा और सरकार द्वारा नामित दोनों पार्षद शामिल होंगे। यह कमेटी निगम के विकास कार्यों, ठेकों और खरीद से जुड़े मामलों में अहम भूमिका निभाती है। जुलाई 2025 में राज्य सरकार ने 10 करोड़ रुपये तक के विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति और रेट अप्रूवल की शक्तियां भी इसी कमेटी को सौंप दी थीं।

सीनियर डिप्टी मेयर चुनाव पर अटकी राजनीति

नगर निगम में सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव पिछले एक वर्ष से राजनीतिक खींचतान का विषय बना हुआ है। दो बार चुनाव कराने के प्रयास किए गए, लेकिन भाजपा के भीतर गुटबाजी और सहमति न बनने के कारण दोनों बार प्रक्रिया अधूरी रह गई।

नगर निगम चुनाव के बाद 11 अगस्त 2025 को सीनियर डिप्टी मेयर के चयन के लिए बैठक बुलाई गई थी। बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में कैबिनेट मंत्री कृष्णलाल पवार मौजूद थे। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, विधायक मूलचंद शर्मा, सतीश फागना और धनेश अदलखा भी पहुंचे थे, लेकिन मेयर प्रवीण बत्रा, मंत्री विपुल गोयल और मंत्री राजेश नागर बैठक में शामिल नहीं हुए। इसके चलते चुनाव प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा।

बड़ौली की कोशिश भी नहीं लाई सहमति

अप्रैल 2026 में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली को पार्षदों के बीच सहमति बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि केंद्रीय राज्य मंत्री समर्थक गुट के बहिष्कार के कारण यह प्रयास भी सफल नहीं हो सका। बैठक में 33 पार्षद मौजूद रहे, लेकिन सीनियर डिप्टी मेयर के नाम पर सहमति नहीं बन पाई और बड़ौली को बिना किसी नतीजे के लौटना पड़ा।

अब सरकार के अगले कदम का इंतजार

5 मार्च 2025 को हुए नगर निगम चुनाव में 46 पार्षदों और मेयर पद के लिए मतदान हुआ था। 12 मार्च को परिणाम घोषित किए गए और 25 मार्च को विजयी प्रतिनिधियों ने पंचकूला में शपथ ग्रहण की। इसके बाद से दो बार सीनियर डिप्टी मेयर का चुनाव कराने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब फाइनेंस कमेटी के गठन के बाद राजनीतिक हलकों में सरकार के अगले फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

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