प्रॉपर्टी आईडी में रिश्वतखोरी के आरोपों पर सख्ती: NIT जोन के ZTO की जांच के आदेश

मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने नगर निगम कमिश्नर को लिखा पत्र; 10 दिन में रिपोर्ट तलब, शिकायत सही मिलने पर होगी कार्रवाई

भावना कौशिश,फरीदाबाद। प्रॉपर्टी आईडी में सुधार कराने के नाम पर कथित रिश्वत मांगने की शिकायतों के बाद फरीदाबाद नगर निगम में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने एनआईटी जोन के ज़ोनल टैक्स ऑफिसर (ZTO) के खिलाफ जांच कराने के लिए नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

मेयर ने बताया कि पिछले कुछ समय से प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियां ठीक कराने के बदले रिश्वत मांगने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई नागरिकों ने इस संबंध में लिखित शिकायतें मेयर कार्यालय और नगर निगम आयुक्त को भेजीं। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए स्वतंत्र जांच कराने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद पूरे मामले से राज्य सरकार को भी अवगत कराया जाएगा। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ZTO और स्टाफ पर लगाए गंभीर आरोप

गाजीपुर निवासी सुशील ने मुख्यमंत्री और नगर निगम आयुक्त को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि ZTO-3 अशोक ठाकुर और उनके स्टाफ द्वारा लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है तथा पैसे लेकर गलत कार्य किए जाते हैं।

शिकायतकर्ता के अनुसार उनकी प्रॉपर्टी आईडी को गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज करने का प्रयास किया गया। जब उन्होंने इसकी जानकारी लेने के लिए निगम कार्यालय का रुख किया तो उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।

चार साल पहले बने थे लाखों प्रॉपर्टी आईडी रिकॉर्ड

गौरतलब है कि लगभग चार वर्ष पहले राज्य सरकार ने शहर की प्रॉपर्टी आईडी तैयार करने के लिए याशी एजेंसी से सर्वे कराया था। एजेंसी ने नगर निगम को करीब साढ़े सात लाख प्रॉपर्टी आईडी उपलब्ध कराई थीं। हालांकि बाद में इन रिकॉर्ड्स में बड़ी संख्या में त्रुटियां सामने आईं।

कई मामलों में संपत्ति मालिकों के नाम गलत दर्ज पाए गए, जबकि कुछ लोगों के नाम पर एक से अधिक प्रॉपर्टी आईडी बना दी गईं। इसके कारण उन्हें अलग-अलग प्रॉपर्टी टैक्स के बिल मिलने लगे। वहीं कई प्रॉपर्टी आईडी में पड़ोसी के नाम दर्ज होने जैसी गंभीर गड़बड़ियां भी सामने आईं।

गलतियों को ठीक कराने के लिए भटक रहे नागरिक

प्रॉपर्टी आईडी में हुई इन त्रुटियों को ठीक कराने के लिए नागरिक लंबे समय से नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं। इससे पहले भी मेयर की शिकायत के आधार पर नगर निगम के एक कार्यकारी अभियंता को राज्य सरकार द्वारा निलंबित किया जा चुका है।

मेयर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि नगर निगम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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