प्राचीन पांडुलिपियों और ऐतिहासिक अभिलेखों की खोज अभियान को गंभीरता से लें अधिकारी: एडीसी अंजलि श्रोत्रिया
ज्ञान भारतम् मिशन के तहत सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर, नागरिकों से भी मांगी भागीदारी
फरीदाबाद, 4 जून। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया ने ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में प्राचीन पांडुलिपियों, ऐतिहासिक अभिलेखों और सांस्कृतिक धरोहरों की खोज एवं दस्तावेजीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अभियान को पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि जिले की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
एडीसी ने कहा कि जिले के मंदिरों, गुरुद्वारों, मस्जिदों, जैन मंदिरों, मदरसों, आश्रमों, डेरों, आर्य समाज संस्थानों तथा अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों में वर्षों पुरानी पांडुलिपियां, वंशावलियां और ऐतिहासिक दस्तावेज सुरक्षित हो सकते हैं। ऐसे में संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी इन संस्थानों के प्रबंधकों, महंतों, इमामों, पुरोहितों तथा पुराने परिवारों से संपर्क स्थापित कर उपलब्ध सामग्री की जानकारी जुटाएं।
उन्होंने विशेष रूप से पुराने ब्राह्मण परिवारों, वंशावली संरक्षित करने वाले परिवारों तथा पारंपरिक धार्मिक संस्थानों तक पहुंच बनाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि यदि किसी संस्थान में ऐसी सामग्री उपलब्ध नहीं है तो उसका भी सत्यापन कर प्रमाणित जानकारी प्राप्त की जाए।
एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सर्वेक्षण कार्य व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए और प्रत्येक संभावित स्थल का भ्रमण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय की जाएं ताकि अभियान प्रभावी ढंग से आगे बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत की पहचान कर उसे संरक्षित करना है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों, राजस्व अधिकारियों, स्थानीय निकायों और अन्य संस्थाओं का सक्रिय सहयोग आवश्यक है, ताकि जिले में उपलब्ध धरोहरों को राष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिल सके।
एडीसी ने आम नागरिकों से भी इस अभियान में भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन नागरिकों के पास प्राचीन पांडुलिपियां, ऐतिहासिक दस्तावेज या अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख हैं, वे उनकी जानकारी सेक्टर-12 स्थित लघु सचिवालय में एडीसी कार्यालय अथवा ज्ञान भारतम् की वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से साझा कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि चिन्हित पांडुलिपियों को राष्ट्रीय डिजिटल रिपॉजिटरी में सुरक्षित रखा जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और उनके अधिकारों का पूर्ण सम्मान किया जाएगा।
बैठक में एडिशनल नगर निगम कमिश्नर गौरव अंतिल, बड़खल एसडीएम त्रिलोक चंद, फरीदाबाद एसडीएम डॉ. हनी बंसल, डीआरओ विकास सिंह, डीडीपीओ प्रमिंद्र तथा विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




