RRTS कॉरिडोर के लिए नेहरू कॉलोनी में चला निगम का बुलडोजर
चार दिनों से जारी तोड़फोड़ अभियान, 50 से अधिक निर्माण ध्वस्त; परिवारों को घर खाली करने के निर्देश
भावना कौशिश,फरीदाबाद। गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर और प्रस्तावित एलिवेटेड रोड परियोजना के लिए फरीदाबाद नगर निगम ने एनआईटी-3 स्थित नेहरू कॉलोनी में बुधवार को तोड़फोड़ अभियान तेज कर दिया। नगर निगम द्वारा पिछले चार दिनों से लगातार अतिक्रमण हटाने और अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है।
बुधवार सुबह करीब सात बजे निगम की जेसीबी मशीनों ने नेहरू कॉलोनी में दुकानों और मकानों को हटाने का काम शुरू किया। अभियान के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों के अनुसार कार्रवाई से पहले क्षेत्र का निरीक्षण कर सभी तैयारियों की समीक्षा की गई थी।
नगर निगम की ओर से इस अभियान की शुरुआत 30 मई की देर रात मस्जिद चौक क्षेत्र से की गई थी। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती चरण में लगभग 700 गज क्षेत्र में बने एक मस्जिद परिसर को हटाया गया था। इसके अलावा करीब 30 वर्ष पुराने एक शिव मंदिर को भी ध्वस्त किया गया। निगम का दावा है कि अब तक छोटे-बड़े मिलाकर 50 से अधिक अवैध निर्माणों को हटाया जा चुका है।
कार्रवाई के चलते नेहरू कॉलोनी के निवासियों को मकान खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। बड़ी संख्या में परिवार अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। कई परिवार पहले ही कॉलोनी छोड़ चुके हैं, जबकि अन्य लोग घर खाली करने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। प्रशासन द्वारा क्षेत्र में बिजली और पानी के कनेक्शन भी काट दिए गए हैं।
निगम अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल लगभग 50 फीट चौड़ाई तक की भूमि को खाली कराया जा रहा है, ताकि परियोजना निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आए। यह भूमि आरआरटीएस कॉरिडोर और प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के लिए आवश्यक बताई जा रही है।
नगर निगम आयुक्त धीरेन्द्र कुमार के अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशों के अनुपालन में की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि परियोजना पूरी होने के बाद फरीदाबाद, गुरुग्राम और नोएडा के बीच यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होगी तथा लोगों को बेहतर और तेज सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
हालांकि, कार्रवाई से प्रभावित परिवारों में भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। वहीं प्रशासन परियोजना को क्षेत्र के विकास और यातायात सुधार के लिए महत्वपूर्ण बता रहा है।




