फरीदाबाद में शुरू होगा प्राचीन पांडुलिपियों का बड़ा सर्वे अभियान

‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत 75 साल पुरानी हस्तलिखित धरोहरों की होगी पहचान, स्वामित्व रहेगा पूरी तरह सुरक्षित

भावना कौशिश,फरीदाबाद । फरीदाबाद में भारत सरकार के ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ के तहत प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की खोज और संरक्षण के लिए व्यापक सर्वे अभियान शुरू किया जाएगा। इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) अंजलि श्रोत्रिया ने नगर निगम, तहसील प्रशासन, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक संस्थानों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में एडीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के मंदिरों, गुरुद्वारों, मस्जिदों, जैन सभाओं, आश्रमों, ट्रस्टों, पुरानी लाइब्रेरियों, वैद्यों और ज्योतिषाचार्यों से संपर्क कर संभावित हस्तलिखित पांडुलिपियों की तलाश की जाए।

एडीसी अंजलि श्रोत्रिया ने स्पष्ट किया कि केवल वही सामग्री “मैन्युस्क्रिप्ट” मानी जाएगी, जो हाथ से लिखी हुई हो, कम से कम 75 वर्ष पुरानी हो और जिसका ऐतिहासिक, साहित्यिक, वैज्ञानिक या सांस्कृतिक महत्व हो। पाम लीफ, कपड़े, कागज, ताम्रपत्र या लकड़ी पर लिखी सामग्री भी इस श्रेणी में शामिल हो सकती है। वहीं सरकारी रिकॉर्ड, एफआईआर, अटेंडेंस रजिस्टर, प्रिंटेड किताबें, फोटोकॉपी और डिजिटल स्कैन इसमें शामिल नहीं होंगे।

उन्होंने कहा कि सर्वे निर्धारित प्रारूप में किया जाएगा और जहां पांडुलिपियां उपलब्ध नहीं होंगी, वहां संबंधित संस्थानों से “नॉन-अवेलेबिलिटी सर्टिफिकेट” लिया जाएगा। सर्वे टीमों को वार्ड स्तर तक सक्रिय कर संभावित स्थानों पर जाकर जांच और फोटोग्राफिक रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

एडीसी ने विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और विद्यार्थियों को भी इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया। उनका कहना था कि कई बार परिवारों में सुरक्षित पुरानी पोथियां, धार्मिक ग्रंथ या वैद्यकीय एवं ज्योतिष संबंधी हस्तलिखित दस्तावेज भी महत्वपूर्ण धरोहर साबित हो सकते हैं।

उन्होंने आम नागरिकों से भी इस मिशन में भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि लोग अपनी जानकारी सेक्टर-12 लघु सचिवालय स्थित एडीसी कार्यालय, वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से साझा कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस अभियान में पांडुलिपि धारकों का स्वामित्व पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

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