ऑनलाइन डीलरशिप बनी धोखाधड़ी का जाल, ₹6.52 लाख की ठगी में दो आरोपी दबोचे गए
भोपाल से पकड़े गए दोनों आरोपी ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराते थे; टेलीग्राम के जरिए साइबर गिरोह तक पहुंचता था ठगी का पैसा
भावना कौशिश,फरीदाबाद। फरीदाबाद पुलिस के साइबर थाना एनआईटी ने इलेक्ट्रिक स्कूटर की डीलरशिप दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिषेक बंसल (24) और अमित कुमार (23) निवासी भोपाल, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अभिषेक ने एक बैंक खाता तेजस नामक व्यक्ति से लेकर प्रिंस को उपलब्ध कराया था, जबकि अमित ने उसी खाते को आगे टेलीग्राम के माध्यम से साइबर ठगों तक पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, अभिषेक बी.ए. पास है और सिम कार्ड बेचने का काम करता है, जबकि अमित बी.एससी. नर्सिंग का छात्र है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, जीवन नगर-2, गौच्छी निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि उसने 5 जनवरी 2026 को गूगल पर Ather इलेक्ट्रिक स्कूटर की डीलरशिप संबंधी जानकारी खोजी थी। इसी दौरान उसे एक वेबसाइट मिली, जहां उसने डीलरशिप के लिए आवेदन कर दिया।
इसके बाद 21 जनवरी को उसके पास एक मोबाइल नंबर से कॉल आई और गुरुग्राम में Ather की डीलरशिप दिलाने का झांसा दिया गया। ठगों ने ई-मेल के जरिए आवेदन फॉर्म भेजकर प्रोसेस फीस, एनओसी और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग किश्तों में पैसे जमा कराने के लिए कहा।
शिकायतकर्ता ने 28 जनवरी को प्रोसेस फीस के नाम पर ₹1.77 लाख और 30 जनवरी को एनओसी के नाम पर ₹4.75 लाख, कुल ₹6.52 लाख ठगों द्वारा बताए गए बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने लाइसेंस अप्रूवल के नाम पर ₹10.50 लाख की अतिरिक्त मांग की, जिससे पीड़ित को धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उसने साइबर थाना एनआईटी में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए दोनों आरोपियों को भोपाल से गिरफ्तार किया गया। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों और पूरे साइबर नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।



