टोकन से मिलेगा काम, पंजीकरण से बनेगी पहचान: फरीदाबाद लेबर चौक पर श्रमिकों के लिए नई व्यवस्था शुरू
सेक्टर-14 में टोकन आधारित लेबर चौक मैनेजमेंट सिस्टम का शुभारंभ; पंजीकरण, बीमा और मूलभूत सुविधाओं के साथ पारदर्शी रोजगार व्यवस्था का दावा
भावना कौशिश,फरीदाबाद। शहर के सेक्टर-14 स्थित लेबर चौक पर अब दिहाड़ी मजदूरों को काम पाने के लिए लंबा इंतजार या अव्यवस्था का सामना नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने शुक्रवार को टोकन आधारित लेबर चौक मैनेजमेंट सिस्टम का शुभारंभ किया। एक गैर-सरकारी संस्था (एनजीओ) के सहयोग से शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रमिकों को पारदर्शी, व्यवस्थित और सम्मानजनक तरीके से रोजगार उपलब्ध कराना है।
नई प्रणाली के तहत लेबर चौक पर आने वाले सभी दिहाड़ी मजदूरों का पंजीकरण किया जाएगा। पंजीकरण के बाद प्रत्येक मजदूर को एक टोकन जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर उन्हें क्रमवार काम मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे रोजगार वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी, मजदूरों के साथ होने वाली मनमानी और शोषण पर रोक लगेगी तथा सभी को समान अवसर मिल सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पंजीकृत मजदूरों को दुर्घटना और बीमारी जैसी परिस्थितियों में बीमा सुविधा उपलब्ध कराने की भी योजना है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें आर्थिक सहायता मिल सके।
उन्होंने कहा कि श्रमिकों को काम का इंतजार करते समय किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए लेबर चौक पर बैठने की व्यवस्था, ठंडे पेयजल और चाय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। भविष्य में जरूरत के अनुसार अन्य सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
विपुल गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा सरकार श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रदेश में दिहाड़ी मजदूरों की मजदूरी में 35 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिला है।
बरसात के मौसम की तैयारियों पर मंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने सभी आवश्यक इंतजाम पूरे कर लिए हैं। विशेष रूप से फरीदाबाद और गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि बारिश के दौरान आम लोगों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
नई टोकन आधारित व्यवस्था से उम्मीद की जा रही है कि लेबर चौक पर रोजगार वितरण अधिक सुव्यवस्थित होगा, श्रमिकों को सम्मानजनक कार्य वातावरण मिलेगा और उनके सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा तंत्र को भी मजबूती मिलेगी।




