फरीदाबाद के नालों पर कब्जे का संकट, सफाई व्यवस्था हुई ठप; ट्रैक्टर-अर्थमूवर गिरने के बाद खुली प्रशासनिक लापरवाही की पोल
12 साल बाद शुरू हुई सफाई भी अतिक्रमण की भेंट चढ़ी, FMDA ने नगर निगम से पहले कब्जे हटाने की रखी शर्त
भावना कौशिश,फरीदाबाद। शहर में नालों पर बढ़ते अतिक्रमण ने अब सफाई व्यवस्था को भी पूरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि नालों की सफाई के दौरान मशीनें तक हादसे का शिकार हो रही हैं। रविवार को एसी नगर से गुजरने वाले नाले की सफाई के दौरान एक ट्रैक्टर और अर्थमूवर नाले में गिर गए। हालांकि दोनों चालक सुरक्षित बच गए, लेकिन वाहनों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
इस घटना के बाद फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (FMDA) ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक नालों के किनारे से अतिक्रमण नहीं हटाया जाएगा, तब तक सफाई अभियान आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम को पत्र भेजकर अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है।
अधिकारियों के अनुसार नालों के दोनों किनारों पर बड़े पैमाने पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। कई लोगों ने नाले के बिल्कुल किनारे तक मकान, दुकानें और अन्य निर्माण कर लिए हैं। ऐसे में भारी मशीनों से सफाई करना जोखिम भरा हो गया है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
बताया जा रहा है कि एसी नगर के इस नाले की करीब 12 साल बाद सफाई शुरू की गई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से न तो नाले की नियमित सफाई हुई और न ही अतिक्रमण हटाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। इसी लापरवाही के कारण नालों की स्थिति लगातार खराब होती चली गई।
एफएमडीए के कार्यकारी अभियंता ओमदत्त ने बताया कि नगर निगम को अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द कार्रवाई होगी, जिसके बाद सफाई कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।
शहर के बुढ़िया नाले की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। यहां भी बड़ी संख्या में लोगों ने नाले के किनारों तक कब्जा कर रखा है। वहीं लकड़पुर क्षेत्र में कई स्थानों पर लोगों ने नाले के ऊपर स्लैब और रैंप बनाकर रास्ते तैयार कर लिए हैं, जिससे सफाई मशीनों का संचालन लगभग असंभव हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बरसात के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने नगर निगम और संबंधित विभागों से संयुक्त अभियान चलाकर नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है।




